कुरुक्षेत्र, 23 दिसम्बर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ऊन व शिल्क से बनी कालीन को पर्यटक और स्थानीय लोग जमकर खरीददारी कर रहे है। इस कालीन पर हाथ से बनी डिजाईनिंग के पर्यटक कायल हो चुके है। इन कालीनो पर हाथ से की गई डिजाईनिंग बहुत ही सुंदर है और यह पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
मिर्जापुर भदौई से आए अहमद ने बताया कि वह इन कालीनो को भेड की ऊन व शिल्क से तैयार करता है। उसने बताया कि वह इन कालीनों को अपने हाथों से डिजाईन करता है। इन कालीनों पर सुंदर-सुंदर डिजाईनिंग पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। जिसे लोग जमकर खरीददारी कर रहे है। इन कालीनों की बुनाई हाथों से की जाती है, इस कालीन को खड्डी पर तैयार की जाती है और एक कालीन को तैयार करने में 20 दिन का समय लगता है, जिसमें इस कालीनों की सुंदर-सुंदर डिजाईनिंग हाथों से की जाती है। स्टॉल नम्बर 109 के अहमद ने बताया कि वह इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में हर वर्ष आता है और वह इस क्राफ्ट मेले में कश्मीरी कारपेट, वुलैन कारपेट, शिल्कोन शिल्क,इरानी कारपेट, अफगानी कारपेट आदि लेकर आया है और इनकी कीमत 500 रुपए से एक लाख 50 हजार रुपए तक की है। यह कालीन हाथ से बनी होने के कारण बहुत ही टीकाऊ होती है।
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