पिपली (कुरुक्षेत्र) (निस) 26 अप्रैल । 26 अप्रैल को स्टूडेंटस फेडरेशन ऑफ इंडिया की कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की इकाई कमेटी द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 के विषय पर एक खुली चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर एसएफआई छात्र संगठन के ऑल इंडिया पूर्व महासचिव डॉ विक्रम सिंह ने शिरकत की और साथ में एसएफआई हरियाणा के राज्य सचिव मनजीत भी मौजूद रहे। डॉ विक्रम ने NEP पर बात रखते हुए बताया की शिक्षा हमारे देश के विकास के लिए सबसे पहली जरूरत है, हमारे संविधान में आरटीई एक्ट के प्रावधान होने का मतलब है कि सबको शिक्षा मिलनी जरूरी है। NEP के तहत आंगनवाड़ी की प्लेवे स्कूल खोले जाएंगे, हर 5 किलोमीटर के दायरे में एक स्कूल होगा। इसके साथ स्कूली ढ़ांचे में भी परिवर्तन किया जायेगा, जिसमें 5+3+3+4 का ढांचा लागू किया जाएगा। और बताया की सभी स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड बनाया जाएगा, जिससे यह समझ जा सकता है कि स्कूली शिक्षा का भी निजीकरण किया जाएगा। हरियाणा यूपी अन्य राज्यों में लगातार स्कूल बंद किया जा रहे हैं, और स्टेट बोर्ड को खत्म कर सीबीएसई में तब्दील किया जा रहा है, इंग्लिश मीडियम स्कूल बनाने के लिए मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा को रेगुलेट करने वाली संस्था यूजीसी को समाप्त कर HEI नाम की रेगुलेट बॉडी बनाई जाएगी और यूनिवर्सिटी नाम का कोई इंस्टिट्यूशन नहीं होगा सभी ऑटोनॉमस बॉडी होंगी। उन्होंने कहा NEP के तहत 4 वर्षीय कोर्स लागू किए गए हैं, जिससे क्रेडिट सिस्टम लागू कर विद्यार्थी प्रत्येक वर्ष कोर्स को छोड़ सकता है।

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