करनाल : आज दिनांक 25.12.2018 को सिख बुद्धिजीवी व हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के युवा प्रदेश महासचिव एडवोकेट अंग्रेज सिंह पन्नु ने गुरद्वारा सिंह सभा प्रेम नगर में प्रैसवार्ता के दौरान कहा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने भारत देश की सभ्यता और संस्कृति को बचाने के लिए अपना सर्ववंश कुर्बान कर दिया था। जहां उनके पिता श्री गुरुतेग बहादुर जी ने हिन्दु धर्म को बचाने के लिए चांदनी चौंक में अपनी कुर्बानी दी थी वहीं पर उनके चारों साहिबजादों ने धर्म और मानवधिकारों की रक्षा के लिए शाहदते जांम पिया था। चारों साहिब जादो की महान कुर्बानी को राष्ट्रीय शहीदी दिवस घोषित किया जाना चाहिए और इनकी महान शहीदी गाथा को केन्द्र व राज्य सरकारें अपने स्कूली पाठयक्रम में शामिल करें। उन्होंने कहा कि सात समुन्दर पार जो कुर्बानी हुई थी उसे भारत देश अपना रहा है और जो भारत देश के अन्दर गुरु गोबिन्द सिंह जी के छोटे साहिब जादो की कुर्बानी हुई थी जिनकी उम्र महज 7 व 9 वर्ष थी उनकी महान कुर्बानी को भुला रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर गुरु गोबिंद सिंह महाराज इस देश की खातिर अपना सर्ववंश नौच्छावर ना करते तो इस देश का नक्शा कुछ ओर होता है। उन्होंने कहा सिक्ख इतिहास सिर्फ इतिहास ही नही बल्कि विश्व में सबसे बड़ी मिसाल है कि चमकौर की गढी में महज 40 सिक्ख यौद्धाओं ने मुगल व हिन्दु पहाड़ी राजाओं की संयुक्त दस लाख की फौज के साथ लड़ते हुए शहीदी पाई थी, इसी लड़ाई में गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े साहिबजादे लाखों दुश्मनों से जूझते हुए वीरगति को प्राप्त हुए, वहीं पर गुरु जी के छोटे साहिब जादे जिनकी उम्र मात्र 7 व 9 वर्ष की थी उन्हें सरहन्द की दिवारों में चिनवा कर शहीद कर दिया गया था।
एडवोकेट पन्नु ने कहा कि भारत देश में 1947 में लोकतांत्रिक पक्रिया को अपनाया है परन्तु इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आगाज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 में कर दिया था। क्योंकि गुरु जी ने अलग-अलग जाति व सम्प्रदाय के लोगों में से पांच प्यारों को चुन कर उन्हें खण्डे बाटे की पाहुल देकर जात-पात का भेद मिटा कर सब को समानता का अधिकार दिया था। जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम था। कल से पंजाब के सरहन्द में 28 दिसम्बर तक छोटे साहिबजादो का शहीदी दिवस मनाया जा रहा है। जिसमें देश और विदेश से लगभग 50 लाख से ज्यादा सिक्ख छोटे साहिबजादो की महान कुर्बानी को नमन करेंगे।
इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रेम नगर के प्रधान स. बलविन्द्र सिंह सन्धू, गुुरुद्वारा के उपप्रधान स. अमरीक सिंह विर्क व श्री गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा साहिब के वरिष्ठ सदस्य स. दविन्द्र सिंह मुख्य रुप से उपस्थित थे।
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