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स्वामी विवेकानन्द की 156वीं जयंती के उपलक्ष्य में नव भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानन्द की अंर्तदृष्टि विषय पर होगा व्याख्यान

कुरुक्षेत्र 29 दिसम्बर  |मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा स्वामी विवेकानन्द की 156वीं जयंती के अवसर पर त्रिदिवसीय कार्यक्रम 11, से 13 जनवरी तक किया जाएगा। जिसमें विविध तरह के कार्यक्रम आयोजित होंगे। यह जानकारी देते हुए मिशन के संयोजक डॉ० श्रीप्रकाश मिश्र ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द की 156वीं जयंती एवं मातृभूमि सेवा मिशन के स्थापना के 16वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 11 जनवरी को ब्रह्मसरोवर पर नारायण सेवा होगी। 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक सनातन वैदिक हवन यज्ञ एवं अंतरविद्यालयी सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन होगा। 13जनवरी को एक व्याख्यान नव भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानन्द की अंर्तदृष्टि विषय पर होगा। जिसमें वक्ता के रूप में देश के मूर्धन्य विद्वान उपस्थित रहेंगे। युवा पीढ़ी स्वामी विवेकानन्द के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने सामाजिक दायित्व बोध को आत्मसात कर सकेइस निमित्त स्वामी विवेकानन्द के जीवन एवं कार्य पर आधारित एक चित्र प्रदर्शनी का भी आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द केवल भारत के लिए नहीं बल्कि विश्व के समस्त युवा पीढ़ी के लिए सर्वमान्य आदर्श महापुरुष हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हजारों युवाओं ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा को अर्पित कर दिया। उनका सेवासमर्पण एवं साधना के प्रति चिंतन सदैव भारतीय जनमानस के लिए प्रासंगिक रहेगा। मातृभूमि सेवा मिशन के समस्त सेवा कार्यों में स्वामी विवेकानन्द की प्रेरणा है। मातृभूमि सेवा मिशन अपने स्थापना काल से समाज के जरूरतमंद एवं असहाय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रकार से कार्यरत है। मिशन द्वारा अनेक प्रकार की सामाजिक गतिविधियों का नि:शुल्क संचालन किया जा रहा है। मिशन का लक्ष्य है कि समाज के जरूरतमंद बच्चों को हर प्रकार से तैयार कर राष्ट्र की मुख्यधारा से जोडक़र देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनाया जाए। आधुनिक भारत का नव निर्माण कैसे होभारत विश्व का एक शक्तिशाली और सम्पन राष्ट्र कैसे बनेभारत विश्व गुरु की प्रतिष्ठा पर कैसे स्थापित हो इन समस्त विषयों पर स्वामी विवेकानन्द का दृष्टिकोण बहुत ही प्रभावी एवं प्रासंगिक है। आज आवश्यकता है कि भारत का सामाजिकधार्मिकआध्यात्मिक एवं राजनैतिक नेतृत्व स्वामी विवेकानन्द के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के विकास को सुनिश्चित करे।

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