करनाल 3 जनवरी, हर घर में कूकिंग गैस कनैक्शन मुहैया करवाने की योजना को लेकर करनाल जिला में पिछले कई दिनो से जोर-शोर से प्रयास किए जा रहे हैं। सभी परिवारो को एल.पी.जी. गैस कनैक्शन देने की प्रधानमंत्री उज्जवला स्कीम को ओर व्यापक बनाते हुए हरियाणा सरकार ने बी.पी.एल. को भी इसमें जोडक़र उन्हे लाभ पहुंचाया था। अब सरकार चाहती है कि ओ.पी.एच. (अदर प्रायरटी हाऊसहोडल) यानि खाकी राशन कार्ड धारकों को भी इस स्कीम का फायदा मिले। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इण्डियन ऑयल कम्पनी के साथ मिलकर पात्र परिवारो की पहचान करके उन्हे कनैक्शन दे रहा है। खास बात यह है कि पिछले करीब एक पखवाड़े में जिला में 159 ओ.पी.एच. परिवारो को गैस कनैक्शन जारी किए जा चुके हैं। प्रगति के आधार पर करनाल सभी जिलो में पांचवी पॉजीशन पर है, जल्द ही यह पहले नम्बर पर होगा। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आगामी 26 जनवरी तक सभी घरो में गैस कनैक्शन की उपलब्धता हो और इस उपलब्धि को हासिल करने वाला हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य होगा।
करनाल जिला प्रशासन इस योजना को शत प्रतिशत सफल बनाने के लिए कोई कोर कसर नही छोड़ रहा है। यही कारण है कि जिला के उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने गुरूवार को इस सम्बंध में तीसरी बार मिटिंग बुलाकर इसकी अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की। मिटिंग में अतिरिक्त उपायुक्त निशांत यादव, डी.एफ.एस.सी. कुशल बुरा, करनाल जिला के लिए नोडल ऑफिसर इण्डियन ऑयल कम्पनी के अतुश बादयाल के अतिरिक्त जिला के सभी एल.पी.जी. डीलरो ने भाग लिया। मिटिंग में सभी गैस डीलरो ने आश्वासन दिया कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को शत प्रतिशत सफल बनाने के लिए वह पूरा सहयोग देंगे, ताकि कोई भी परिवार गैस कनैक्शन से वंचित ना रहे।
मिटिंग में डी.एफ.एस.सी. ने उपायुक्त को अवगत कराया कि इस स्कीम को सफल बनाने के लिए पूरे जिला में प्रचार-प्रसार के लिए 27 कैम्प आयोजित किए गए। इसके बाद सभी डिपो होल्डरो की मिटिंग बुलाकर उनसे पात्र और जरूरतमंद परिवारो की सूची ली जा रही है। उन्होने बताया कि अब तक प्राप्त सूची में शामिल परिवारो का डाटा उन्हे कनैक्शन जारी करने के लिए विभिन्न गैस एजेंसियो को भी दिया जा चुका है और यह कार्य जारी है। उन्होने बताया कि इस स्कीम में लाभार्थी को गैस कनैक्शन के लिए 633 रूपये और सिलेण्डर में गैस यानि रिफेल का खर्चा स्वयं वहन करना पड़ेगा। सिलेण्डर और रेगूलेटर की 1600 रूपये की सिक्योरिटी यानि प्रतिभूति राशि सरकार स्वयं वहन करेगी।
दूसरी ओर उपायुक्त ने इसी बैठक में यूनिक फैमिली आई.डी. बनाने के कार्य की भी समीक्षा की। सरकार के निर्णय अनुसार आगामी 31 जनवरी तक प्रत्येक जिला को ऐसी 1 लाख आई.डी. बनाने के लक्ष्य को पूरा करना है। उपायुक्त के अनुसार अब तक करनाल जिला में 9200 से अधिक यूनिक फैमिली आई.डी. बनाई जा चुकी हैं। इस कार्य में तेजी लाने के लिए ग्राम सचिवो, एल.पी.जी. गैस एजेंसियो, राशन डिपो तथा पब्लिक डिलिंग की जगहो पर फैमिली आई.डी. के फार्म उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। अतिरिक्त उपायुक्त निशांत कुमार यादव इस कार्य के नोडल अधिकारी हैं। उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी गैस एजेंसी धारको से कहा कि एजेंसी पर जो भी व्यक्ति रिफिल लेने के लिए सम्पर्क करे, उन्हे फैमिली आई.डी. के परफोर्मा को भरने के लिए प्रेरित करें। उन्होने जिला के सभी एल.पी.जी. गैस कनैक्शन धारको से भी अपील की है, कि वे जनहित में फैमिली आई.डी. के परफोर्मा को अवश्य भर कर दें। जो व्यक्ति एक जगह फार्म भरकर देता है, उसे दूसरी जगह भरने की जरूरत नही है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि फैमिली आई.डी. के भरे हुए परफोर्मा एकत्र होने के साथ-साथ उनको पोर्टल पर ऑनलाईन भी करवाया जा रहा है। उन्होने बताया कि कोई भी व्यक्ति भरे हुए परफोर्मा को लघु सचिवालय स्थित अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की योजना शाखा में भी दे सकता है। इस बैठक में योजना अधिकारी संगीता मेहता तथा सहायक योजना अधिकारी डॉ. विजय कौशिक भी उपस्थित थे।
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