कुरुक्षेत्र, 23 जनवरी । श्यामप्रेमी परिवार कुरुक्षेत्र द्वारा नए बस स्टैंड के श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार सायं 46वां श्री श्याम संकीर्तन-श्याम अखाड़ा आयोजित किया गया। श्री खाटू श्याम धाम, राजस्थान के पुजारी श्याम सिंह चौहान के सान्निध्य में हुए इस कार्यक्रम में कई गायकों ने खाटू श्याम जी के मधुर भजन सुना कर रंग जमाया। चौहान ने भक्तों को ताली कीर्तन की महिमा विस्तार से सुनाई। उन्होंने कहाकि महाबली भीम के पुत्र घटोत्कच का विवाह दैत्यराज मुर की पुत्री मौरवी से हुआ। मौरवी को पुत्र रतन की प्राप्ती हुई। बालक के बाल बब्बर शेर की तरह होने के कारण बर्बरीक रखा गया। इन्ही वीर बर्बरीक को आज दुनिया खाटू श्याम जी के नाम से जानती है। खाटू श्याम जी हारे के सहारे के नाम से जगत में विख्यात हैं। दरबार अनोखा, सरकार अनोखी खाटू वाले की हर बात अनोखी…., देर न करों न करों इंतजार श्याम जी के चरणों से कर ले तू प्यार…., शायद मेरे बाबा को ख्याल हमारा आया है इसलिए बाबा ने हमें कीर्तन में बुलाया है…..और जिसकी चौखट पे झुकता ये संसार है उस चौखट के हम सेवादार हैं ……इत्यादि भजन सराहे गए। श्याम दरबार में प्रसाद की सेवा हरीश गुप्ता परिवार की ओर से दी गई।
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