कुरुक्षेत्र 23 जनवरी | नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी नेता व महानायक थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सुभाष चन्द्र बोस विलक्षण व्यक्तित्व के मालिक थे, प्रतिभा उनमें कूट-कूट कर भरी थी। सुभाष चन्द्र बोस द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया। यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ० श्रीप्रकाश मिश्र ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जन्म जयंती के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस के क्रांतिकारी विचार आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं। बाल्यावस्था से ही नेताजी प्रतिभावान छात्र थे। इन्होंने आई०सी०एस० की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। परन्तु देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते हुए सन 1921 में इन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद इन्होंने कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा और स्वतंत्रता संग्राम की आग में कूद पड़े। अपने देश और देशवासियों के प्रति इनके मन में अगाध श्रद्धा थी। सुभाष चन्द्र बोस ने सशक्त क्रान्ति द्वारा भारत को स्वतंत्र कराने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर 1943 केा आजाद हिन्द फौज का गठन किया। सुभाष चन्द्र बोस ने देश के नौजवानों से आजाद हिंद फौज में भर्ती होने के लिए बड़े स्तर पर आह्वान किया था।
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