करनाल 13 फरवरी, न्यायालयों में लंबित मामलों को दोनो पक्षों की आपसी सहमति से सुलझाने के लिए, वर्ष 2019 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत आगामी 9 मार्च को जिला के सभी न्यायालयों में आयोजित की जाएगी।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हितेश गर्ग ने इस सम्बन्ध में बताया कि लोक अदालत विवादों को आपसी सुलह से निपटाने का एक सरल व आसानी से सुलभ माध्यम है। लोक अदालतों के माध्यमों से किया गया फैसला आन्तिम होता है और उसके विरूद्घ कोई अपील भी नहीं की जाती तथा मामले से जुड़े दोनों पक्ष खुशी-खुशी अपने घर जाते हैं। अदालती विवादों के निपटारे की इस वैकल्पित व्यवस्था मेें कोई वकील खर्च और कोर्ट फीस नहीं देनी पड़ती तथा किसी पक्ष को सजा भी नहीं होती। लोक अदालत में लिए गए मुआवजा केसों में मुआवजा व हर्जाना भी तुरन्त मिल जाता है।
सीजेएम ने ऐसे लोगों जो न्यायालयों के विभिन्न मामलों में फसे हुए हैं, से अपील की है कि वे अपने विवादों का हल लोक अदालत के माध्यम से करवाएं। लोक अदालतें बहुत ही लोकप्रिय हो रही हैं और इससे अदालतों पर केसों का बोझ भी कम होता है।
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