कुरुक्षेत्र 15 फरवरी दुनिया भर में फैल रहे तनाव और विषाद से मुक्ति पाने के लिए श्रीमद्भगवदगीता की शरण मे आना ही पड़ेगा। यह विचार मॉरिशस के राष्ट्रपति परमासिवम पिल्ले ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेन्टर मॉरिशस में आयोजित सेमिनार के प्रथम सत्र में बोलते हुए व्यक्त किये। इस सेमिनार में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने मुख्य अथिति के रूप में भाग लिया।
राष्ट्रपति पिल्ले ने कहा कि गीता कर्म का संदेश देती है। और मानव को उसके कर्तव्य का बोध करवाती है। भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकली गीता में कर्म को प्रधान माना गया है। उन्होंने कहा कि गीता पूरी मानवता के लिए है। आज दुनिया मे वैमनस्य, तनाव तथा विषाद बढ़ रहा है। इन सबसे मुक्ति केवल गीता की शरण मे जाकर ही पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर कुरुक्षेत्र गए थे। इस महोत्सव में उनका देश मॉरिशस सहभागी देश था। वहां पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी की प्रेरणा से उन्होंने भी अपने देश मे गीता महोत्सव मनाने का निर्णय लिया। गीता महोत्सव यहां पर प्रत्येक वर्ष भव्यता से मनाया जाएगा। राष्ट्रपति ने इस समारोह में सहयोग देने के लिए स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, हरियाणा सरकार व जीओ गीता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर गीता यज्ञ का आयोजन भी किया गया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने मॉरिशस के राष्ट्रपति को गीता की प्रति भेंट की।
कार्यक्रम को मुख्याथिति के रूप में संबोधित करते हुए स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि मॉरिशस की भूमि से उठी गीता महोत्सव की यह लौ पूरी दुनिया में गीता का प्रकाश फैलाएगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सूर्य के सामने बादल आने से कुछ समय के लिए प्रकाश धूमिल हो जाता है, इसी प्रकार अब अंधेरा हटने से गीता का प्रकाश पूरे विश्व मे फैलेगा। इतिहास में लिखा जाएगा कि मॉरिशस ने इस प्रकाश को फैलाने के लिए पहल की है। स्वामी जी ने मॉरिशस सरकार द्वारा गीता महोत्सव मनाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहला अवसर है जब भारत से बाहर गीता महोत्सव आयोजित हो रहा है। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए हरियाणा सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को साधुवाद दिया।
मुख्यमंत्री शामिल हुए ध्यान साधना शिविर में
मॉरिशस पहुंचते ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जीओ गीता द्वारा स्वामी ज्ञानानंद की के सानिध्य में समुन्द्र तट पर आयोजित ध्यान साधना शिविर एवम गीता पाठ में शामिल हुए। उन्होंने गीता महोत्सव में शामिल होने आए जीओ गीता परिवार के सदस्यों को साधुवाद देते हुए कहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव मनाने में स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की अहम भूमिका है। स्वामी जी के नेतृत्व में 300 से अधिक प्रतिनिधि मॉरिशस पंहुचे हैं। इस प्रकार के आयोजन से भारत और मॉरिशस के सम्बंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉरिशस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से हुई बातचीत में यह संकेत दिया गया है कि हरियाणा के लोग अधिक से अधिक संख्या में व्यापार व शिक्षा के लिए यहां आए। इस अवसर पर जैन सन्त आचार्य लोकेश मुनि, प्रमुख सिख विचारक बाबा भूपेंद्र सिंह पटियाला वाले, भागवताचार्य संजीव कृष्ण ठाकुर, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता, विजय नरूला, उपेंद्र सिंघल, आशीष चावला अम्बाला, बृज गुप्ता करनाल, महेंद्र सिंगला कुरुक्षेत्र, दीवान अमित अरोड़ा जालंधर, करण डावर पिहोवा, प्रमोद गुप्ता फरीदाबाद, चेतन चावला अम्बाला, साहिल महाजन पठानकोट, मुलख राज करनाल, राम पाल शर्मा कुरुक्षेत्र, संजीव शर्मा पानीपत एवं राजन सपड़ा शाहाबाद सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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