इंद्री/करनाल 19 फरवरी, हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव काम्बोज ने कहा कि भारत में समय-समय पर अनेक संत महात्माओं ने जन्म लिया, इन्ही महान संतों में से एक संत थे, श्री गुरू रविदास जी। वे 15वंीं सदी के महान समाज सुधारक, दार्शनिक कवि तथा आध्यात्मिक विभूति थे। उनकी रचनाओं की विशेषता लोकवाणी रही है जिसने जन मानस को बहुत प्रभावित किया है।
मंत्री कर्णदेव काम्बोज मंगलवार को इंद्री विधानसभा के गांव कलसौरा व ब्याना में संत शिरोमणि गुरू रविदास जी की 642वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में बोल रहे थे। सबसे पहले उन्होंने संत शिरोमणि रविदास जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये और सभी को इस पावन दिन की बधाई दी।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी महाराज ने समाज में व्यापत ऊंच-नीच, जात-पात की भावना तथा ईश्वर भक्ति के नाम पर किए जाने वाले विवाद को निरर्थक बताया और सबको परस्पर मिल जुलकर प्रेमपूर्वक रहने का उपदेश दिया। उन्होंने भक्ति आंदोलन में संतों के साथ मिलकर समाज के अंदर अंधविश्वास पर कड़ा प्रहार किया तथा हिंदू धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि जाति-पाति का समाज में कोई औचित्य नहीं है, केवल समानता समाज को सबसे आगे ला सकती है। उन्होंने मानवता का संदेश देते हुए समाज को नई दिशा दी। उनका संदेश दुनिया के रहते हुए सदा प्रासंगिक रहेगा। उन्होंने कहा कि आज के वर्तमान युग में जरूरी है संत रविदास जी की वाणियों का अनुसरण करना और उनके बताये गए मार्ग पर चलना।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संतों को सम्मान मिले व उनके अनुयायियों की आस्था बढ़े और युवाओं को पे्ररणा मिले इसके लिए प्रदेश में संतों की जयंती को सरकारी तौर पर मनाने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री का यह निर्णय समाज के हित में एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी गुरू रविदास जी की प्रेरणा के अनुसार प्रदेश में गरीब, दलित, असहाय, महिला, किसान व मजदूर के लिए काम कर रहे हैं। आज से 600 वर्ष पहले जिस परिकल्पना को संत रविदास जी ने संजोया था आज वर्तमान सरकार द्वारा उनके सपनों का पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर शिरोमणि रविदास सभा के पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता रणबीर गोयत, मंडल अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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