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आचार संहिता की उल्लंघना की जानकारी अब मतदाता दे सकता है

करनाल 22 फरवरी, आगामी लोकसभा चुनाव में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए अब मतदाता सी विजिल एप्प की मदद से सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी या रिटर्निंग ऑफिसर तथा चुनाव आयोग को जानकारी दे सकते हैं। जानकारी मिलने के बाद उस पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इसके लिए आयोग की ओर से एंड्रायड बेस एप्लीकेशन लॉच किया जा चुका है। हालांकि इससे पहले देश के कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छतीसगढ व मिजोरम राज्यों के विधानसभा चुनावों में,  ऐप को डाउनलोड कर इसका सफल प्रयोग किया चुका है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने इसका प्रयोग लोकसभा चुनाव में भी इसका प्रयोग अनिवार्य कर दिया है।
शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में सहायक आयुक्त (प्रशिक्षणाधीन) साहिल गुप्ता ने जिला के सभी एसडीएम एवं सहायक रिटर्निगं अधिकारी, तहसीलदार व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को सी विजील एप्प की ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की इस एप्प से पहले चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतों का प्रावधान या तो देरी से या ठीक से नहीं हो पाता था, जिससे कई बार मतदाता संतुष्टï नहीं होता था, मतदाता संतुष्ट हो इसके लिए एप्प लॉंच किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसका प्रयोग आसान है। चुनाव में कोई भी मतदाता किसी प्रकार की गड़बड़ी जैसे मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब या पैसा बांटना, उपहार देना, सार्वजनिक जगहों पर चुनाव सामग्री का प्रदर्शन यानि पोस्टर इत्यादि लगाना या ऐसी गड़बड़ जिससे चुनाव में आदर्श आचार सहिता का उल्लंघन होता हो, की शिकायत कर सकता है। शिकायत कर्ता को सबसे पहले सी विजिल एप्प को डाउनलोड करना होगा। वह अपनी पहचान के लिए अपना फोन नम्बर व विवरण दे सकता है या बिना पहचान बताए भी शिकायत कर सकता है। लोकेशन की फोटो व शिकायत का विवरण, सब्मिट के ऑपशन पर क्लीक कर शिकायत दर्ज करवा सकता है। अपनी पहचान देने पर शिकायतकर्ता के पास एक आईडी नम्बर आएगा जिससे वह अपनी शिकायत की मोनिट्रिंग भी कर सकता है। शिकायत प्राप्त होने के बाद क ंट्रोलिंग ऑफिसर या जिला निर्वाचन अधिकारी उसे सम्बंधित एआरओ को भेजेगें और फिर वह फ्लाइंग स्कवाड के अधिकारियों के पास जाएगी, जो बीडीओ व तहसीलदार भी हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायत मिलन के  बाद फ्लाइंग स्कवाड के अधिकारी करीब 15 मिनट की सीमित अवधि पर लोकेशन पर जाएगें और उसकी पुष्टि करके, स्वीकार या अस्वीकार करेंगे, जिसकी सूचना स्वत: ही सम्बंधित एआरओ को भी मिल जाएगी और फिर एआरओ उसका समाधान करवाएगें। इसके बाद समाधान की सूचना शिकायतकर्ता और सम्बंधित अधिकारियों को मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायत करने से लेकर उसके समाधान तक की सारी प्रक्रिया निर्धारित 100 मिनट में निपटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि शिकायतकर्ता अपना सम्पर्क नम्बर व अन्य विवरण नहीं देगा तो उसकी पहचान गुप्त रहेगी।
ट्रेनिंग के दौरान करनाल व असन्ध के एसडीएम, इन्द्री के तहसीलदार, सभी बीडीपीओ तथा निर्वाचन तहसीलदार सुनील भौरिया भी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन:- एसीयूटी साहिल गुप्ता, अधिकारियों को सी विजिल ऐप की ट्रेनिंग देते हुए।

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