कुरुक्षेत्र, 5 मार्च- श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार को आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विश्व आयुर्वेद परिषद् हरियाणा शाखा व निरोग स्ट्रीट फाऊंडेशन द्वारा संयुक्त तौर पर धनवंतरी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
डॉ. कुमार को यह पुरस्कार रोहतक में आयोजित राज्य स्तरीय कांफ्रेंस में आयुर्वेद एक्सीलेंस अवार्ड-2019 से नवाजा गया। इस कार्यक्रम में ‘मैनेजमेंट ऑफ लाईफ स्टाईल डिसऑर्डर वाया आयुर्वेद एंड इंस्टेंट पेन मैनेजमेंट एवं मर्म चिकित्सा’ विषय पर भी मंथन दिया गया। इस अवसर पर आयुर्वेद के क्षेत्र में कार्यरत 20 विख्यात चिकित्सकों को भी विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. ऋषि राज वशिष्ठ व विजय कौशिक को चरक अवार्ड तथा डॉ. हेतल देव, डॉ. सतीश गर्ग, डॉ. गीता गर्ग, डॉ. लीना नानौती, डॉ. महेश दधीच, डॉ. महेश पुरवइया व डॉ. जिले सिंह को नालंदा अवार्ड दिया गया।
इसी प्रकार डॉ. अभिषेक गुप्ता, रितु मोंगिया को निमी अवार्ड, सुनीता जाखड़ को जीवाका अवार्ड, डॉ. राम कुमार को कौटिल्य अवार्ड, डॉ. एम. शाहिद को सुश्रुता अवार्ड, डॉ. सोनिका नड्ढा, डॉ. सुनील शर्मा व डॉ. मनोज विरमानी को आत्रेय अवार्ड, नवनीत दिनोदिया को सुश्रुत अवार्ड, डॉ. ए.पी. नायक को वाचस्पति अवार्ड व नरेश भार्गव को भावमिश्रा अवार्ड से सम्मानित किया गया।
कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक जीवन शैली ने व्यक्ति की सेहत खराब कर दी है। व्यक्ति के लाईफ स्टाईल डिसऑर्डर की वजह से जनता बीमारियों से जूझ रही है। ऐसे में आयुर्वेदिक पद्धति से ही इन रोगों का समूल उपचार किया जा रहा है। आयुर्वेद द्वारा बीमारियों का जड़ से ईलाज होता है। उन्होंने कांफ्रें स में आये सभी डॉक्टरों को आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने का आह्वान किया तथा पंचकर्म से सम्बन्धित सभी कैंपों के लिए श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय का भरपूर सहयोग देने की बात कहीं है।
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