विभिन्न नाटकों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलूओं को दिखाते हुए कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। नाटक के माध्यम से अपनी बात कह जाना वास्तव में प्रश्ंासनीय कार्य है। भारतीय संस्कृति और सभ्यता विश्व में सर्वोपरि है। जिसका प्रदर्शन कर युवा पीढ़ी को कला के प्रति जागरुक करना कलाकारों का दायित्व रहता है और कलाकार बखूबी अपने दायित्व को निभाते हैं। ये शब्द विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डा. रामेंद्र सिंह ने कहे। वे हरियाणा कला परिषद मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर द्वारा विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर आयोजित चार दिवसीय राष्टीय नाट्य उत्सव के उद्घाटन अवसर पर सभी को सम्बोंधित कर रहे थे। मौका था नाटक सेम टाईम नेक्स्ट यीअर के मंचन का। उत्सव के पहले दिन दिल्ली की लेजरविक संस्था द्वारा जय सिंह के निर्देशन में तैयार नाटक सेम टाईम नेक्स्ट यीअर मंचित हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यअतिथि डा. रामेंद्र सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर हरियाणा कला परिषद् के उपाध्यक्ष संजय भसीन, मैक के क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र शर्मा तथा रंगकर्मी बृज शर्मा उपस्थित रहे। उत्सव के विषय में जानकारी देते हुए नागेंद्र शर्मा ने कहा कि विश्व रंगमच दिवस के उपलक्ष्य में नाट्य उत्सव का आयोजन करने का अभिप्राय केवल दर्शकों का मनोरंजन नहीं है। अपितु विभिन्न राज्यों के कलाकारों की कला को दिखाना भी मैक का प्रयास है। उत्सव में चार अलग प्रदेशों के कलाकारों के अभिनय कौशल से स्थानीय रंगकर्मी भी बहुत कुछ सीखने का प्रयास करेंगे। मंच का संचालन विकास शर्मा ने किया। नाटक सेम टाइम, नेक्स्ट ईयर मीठे रोमांस और हल्के हास्य को प्रदर्शित करता नाटक है।
नाटक की कथावस्तु एक वफादार दीर्घकालीन बेवफाई के बारे में रही। नाटक में डोरिस और जॉर्ज गोवा के एक होटल में मिलते हैं और एक दूसरे को दिल दे बैठते हैं। दोनों शादीशुदा होते हुए भी एक-दूसरे से प्रतिवर्ष मिलने का वादा करते हैं। प्रेमवश दोनों अपने परिवार की अपेक्षा एक दूसरे को अधिक समय देना पसंद करते है। प्रति वर्ष एक ही होटल के उसी कमरे में मिलना दोनों के लिए बेहद रोमांचकारी रहता था। छह दृश्यों के दौरान नाटक के कलाकारों ने जार्ज और डोरिस की जीवन यात्रा को बड़े बखूबी ढंग से दिखाया। प्रत्येक दृश्य में कलाकार पांच साल के अंतराल के बाद एक-दूसरे से मिलते हैं। डोरिस और जॉर्ज अपने जीवन के कुछ अनसुलझे पहलूओं को सुलझाने का प्रयास करते हैं। एक और जहां जार्ज डोरिस से अपनी पत्नी हेलन तथा बेटे माईकल की बात करता हैं वहीं डोरिस भी अपने पति हैरी के साथ उसके सम्बधों की चर्चा करती हैं। रोमांचक मोड लेते हुए नाटक में जब दोनों पात्र 25 वर्ष बाद मिलते हैं तो दोनों को एहसास होता है कि वे कहीं न कहीं एक दूसरे के साथ वफा करते हुए भी बेवफा साबित हो रहे हैं। जिसके बाद दोनों केवल मित्रों की तरह अगले साल मिलने का वादा करते हैं। नाटक में जय प्रकाश सिंह, रुचि चैहान, चिन्मयी मोहंती, शालिनी मिश्रा, सत्यम गुप्ता, स्पर्श राणा, रिशभ वर्मा, नित्या तथा अमल ने सहयोेग दिया। नाटक के अंत में मुख्यअतिथि ने सभी को सम्मानित किया। इस मौके पर शहर के रंगकर्मी तथा कलाप्रेमी उपस्थित रहे।
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