कैथल, 24 मई: उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि घग्गर नदी को साफ रखने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जारी की गई हिदायतों के अनुसार कार्य करें, जिस भी गांव से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से गंदा पानी घग्गर नदी में जाता है, उसे रोकने के लिए तैयार की गई योजना को जल्द अमलीजामा पहनाया जाए, ताकि घग्गर नदी में जाने वाले गंदे पानी को रोका जा सके।
डॉ. प्रियंका सोनी लघु सचिवालय स्थित कांफ्रैंस हॉल में अधिकारियों की बैठक में संबोधित कर रही थी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग दौरा करके यह सुनिश्चित करें कि घग्गर नदी में सीवरेज का गंदा पानी नही जाना चाहिए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से सही किया गया पानी ही घग्गर नदी में जाएं तथा उस पानी के सैंपल लेना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करें। नगर पालिकाओं के अधीन पड़ने वाले क्षेत्रों के नालों पर जाली लगी होनी चाहिए, ताकि सीवरेज ब्लाक न हो। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही पेयजल आपूर्ति एवं भूमिगत जल के सैंपल एकत्रित करवाकर निरंतर जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव सिहाली, पपराला, कसौली, मैंगड़ा, लालपुर, बुबकपुर, नंदगढ़, छन्नाजाटान, कुतबपुर, सिरटा, मानस, सैर, ककहेड़ी गांव के गंदे पानी को घग्गर में जाने से रोकने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस सूची में ऐसे दो गांवों को सूची से हटवाएं, जो जिला कैथल में शामिल नही हैं। उन्होंने कहा कि शेष गांवों में से गंदे पानी को साफ करने के लिए विभिन्न प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि घग्गर नदी के बारे में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जारी हिदायतों की समीक्षा के लिए समय-समय पर बैठके आयोजित की जाएगी। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे शहरी क्षेत्रों के गंदे पानी को साफ करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं तथा यह सुनिश्चित करें कि शहरी पानी घग्गर नदी में न जाए।
उपायुक्त ने जिला की नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरूस्त होनी चाहिए। कुड़े का समयबद्ध तरीके से उठान करके निर्धारित जगह पर डालकर उसमें से ठोस व तरल कचरे को अलग-अलग किया जाए। शैड का निर्माण करके अलग-अलग कचरे के लिए जगह निर्धारित की जाए। शहरों व गांवों में कुड़ा डालने के लिए डस्टबीन रखवाने की समुचित व्यवस्था हो। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि अगली मीटिंग तक सभी कार्यों की एक समूचित रूप रेखा बनाकर सभी संबंधित काम किए जाने सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह, नगराधीश प्रदीप अहलावत, सिविल सर्जन डा. सुरेंद्र नैन, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजबीर खुंडिया, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव कुमार, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके गोयल, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रशांत कुमार, वीके गुप्ता, दर्शन लाल, एमएस राणा, सुशील कुमार, खुशीराम, नरेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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