कैथल,कलायत,कुरुक्षत्र: हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने मनोहर सरकार की धान मुक्त कृषि योजना पर सवाल खड़े किए हैं। निर्मल सिंह का कहना है कि प्रदेश में मनोहर सरकार धान का रकबा कम कर उसकी जगह मक्का और दलहन की फसलों को बढ़ावा देना चाहती है I उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना को प्रदेश के 8 डार्क जोन इलाकों में बतौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला लिया है ताकि गिरते भूजल को कुछ हद तक बचाया जा सके, लेकिन सरकार इससे पहले किसानों को यह बताए ही कि इस बेल्ट में सिंचाई और वाटर रिचार्जिंग का सबसे बड़ा संसाधन दादूपुर नलवी नहर प्रोजेक्ट को सरकार ने डिनोटिफाई क्यों किया। जबकि वाटर रिचार्जिंग का सबसे बड़ा संसाधन दादूपुर नलवी नहर प्रोजेक्ट को बनाने की मांग वह स्वयं 1982 से उठाते आये है उन्होंने कहा की 1982 से हरियाणा विधानसभा में विधायक होते हुए उन्होंने दादूपुर नलवी नहर प्रोजेक्ट को पुरे जोरशोर से उठाया था उसका असर हुआ सरकार ने तुरंत प्रभाव से इस दादूपुर नलवी नहर की योजना को तैयार कर सेंट्रल गवरमेंट के पास उसकी अप्रूवल के लिए भेज दिया परन्तु सेंट्रल गवरमेंट ने उसे यह कहकर रिजेक्ट कर दिया की यमुना से पानी उठाया ही नहीं जा सकता ही I परन्तु विधायक होते हुए उन्होंने दुबारा से आग्रह कर उस फाइल को सेंट्रल गवरमेंट को वापिस भिजवाया और बताया की हमारे इस इलाके का वाटर लेवल दिन प्रतिदिन डाउन जा रहा है I इस पर कार्यवाही करते हुए सेंट्रल गवरमेंट ने 58 दिनों के लिए यमुना से पानी निकलने की इज्जाजत हरियाणा सरकार को दे दी I निर्मल सिंह ने कहा कि यह परियोजना का 85 फ़ीसदी कार्यपूरा भी हो चूका है और यमुनानगर अंबाला व कुरुक्षेत्र एरिया में इस प्रोजेक्ट से किसानों की हजारों एकड़ जमीन को ना केवल सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलना था, बल्कि वाटर रिचार्जिंग के चलते इस क्षेत्र का भूजल स्तर भी सुधरना था, जिससे यह इलाका डार्क जोन एरिया से भी कुछ हद तक बाहर आ जाता। निर्मल सिंह ने कहा कि यदि सरकार वाकई किसानों का कल्याण करना चाहती है तो पहले दादूपूर नलवी नहर के डिनोटिफिकेशन को रद करें और इस नहर का काम पूरा करवाएं।जिससे किसानों को सही मायने में लाभ मिले और भूजल को भी बचाया जा सके।
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