कुरुक्षेत्र 13 जून: उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि जिले में कन्या भू्रण हत्या संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी टीमों सहित इस प्रकार की गतिविधियेां में संलिप्त लोगों पर पैनी निगाहें रखेंगे।
वे वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी पढाओं-बेटी बचाओं अभियान को लेकर आयोजित जिला टास्क फोर्स की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। डीसी ने जिले की सभी सुपरवाईजरों से एक-एक करके एक-एक गांव के लिंगानुपात की स्थिति को आकंडों सहित जाना और गांव की वास्तविक स्थिति के बारें में भी फीडबैक हासिल की। इसके अलावा सभी पीएचसी, सीएचसी के एसएमओ आदि से भी लिंगानुपात को लेकर की जा रही कार्यवाही की रिपोर्ट भी हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस जिले में मई 2019 तक 1 हजार लडकों के पीछे 934 लडकियों की संख्या है, अभी भी इस आकंडे में और अधिक सुधार किया जाना है। यह तभी संभव हो पाएगा जब सभी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी डयूटी निर्वाह करेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग व पुलिस विभाग सहित अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारी कन्या भू्रण हत्या में संलिप्त लोगों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए हमेशा तैयार रहे। आज समाज में बेटों और बेटियों का बराबर का दर्जा है, इसलिए सभी को बेटियों को बेटों की तरह समझना चाहिए और उनका पालन पोषण करना चाहिए, राज्य सरकार की तरफ से भी बेटियों के लिए अनेकों योजनाओं को अमलीजामा पहनाया है, जिसके चलते बेटियां परिवार पर बोझ नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों को कहा कि सभी मिलकर जिला कुरुक्षेत्र में लिंगानुपात की स्थिति में और अधिक सुधार लाने का संकल्प लेंगे और इस संकल्प को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करेेंगे। बैठक में सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने बताया कि जिले में 64 अल्ट्रा साउंड केन्द्र चल रहे है, इसी के तहत पीएनडीटी एक्ट अवहेलना करने पर 10 अल्ट्रासाउंड केन्द्रों को सील भी किया गया है तथा पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट में पिछले 2 सालों में 18 एफआईआर दर्ज की गई है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह, उप-सिविल सर्जन डा. एनपी सिंह, डा. अनुपमा, डा. आरके सहाय, डा. योगेन्द्र, डा. संदीप अग्रवाल, डा. अनुपमा सैनी, डा. नीरज, जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री, पीओआईसीडीएस नीना कपूर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में डीसी ने कहा की सभी अधिकारी मिलकर कोशिश करे और कुरुक्षेत्र जिला को टीबी मुक्त जिला बनाए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को अगर टीबी हो और उसकी सूचना कोई व्यक्ति दे तो उसे 500 रुपए योजना के तहत दिए जाते है, लेकिन यह 500 रुपए तभी दिए जाते है जब उसका डाईगनोज हो । उन्होंने कहा कि बीएएमएस, आरएमपी, आशा वर्कर, केमिस्ट और प्राईवेट प्रोवाईडर अगर मरीज का इलाज पूरा करवाता है तो उसे भी 500 रुपए योजना के तहत दिए जाते है। उन्होंने कहा कि टीबी की दवाईयों के साथ-साथ जो कि नि:शुल्क है, भारत सरकार की तरफ से मरीज को पोषण के लिए 500 रुपए प्रतिमाह मिलते है जब तक उसका इलाज चलता है। इस विषय में डा. अनुपमा सैनी ने बताया कि उनकी पूरी टीम दिन-रात प्रयासरत है कि कुरुक्षेत्र जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
उपायुक्त ने बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों में गर्मियों की छुट्टिïयों के दौरान जो समर कैम्प चल रहे है, उनका समापन सुबह 11 बजे से पहले हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय में कोई लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने बैठक में अधिकारियों को जल ही जीवन है योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि आप सब योजना का भी अधिक से अधिक प्रचार करे क्योंकि पानी को बचाना है तभी हमारी आने वाली पीढिय़ा सुरक्षित हो सकेंगी। उपायुक्त ने इसके अलावा गर्मी से बचाव के उपाय तथा डायरिया से बचाव हेतू जानकारी भी अधिकारियों के साथ सांझा की।
उपायुक्त ने बैठक में 5वें अंतर्राष्टï्रीय योग दिवस के विषय में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 20 जून को स्थानीय अनाज मंडी में प्रोटोकॉल रिहर्सल के तहत योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले तथा आगामी 21 जून को योग दिवस के अवसर पर सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने विभागों से सम्बन्धित भाग लेना सुनिश्चित करे। इस विषय में कोई लापरवाही सहन नहीं होगी। उन्होंने बताया कि योग दिवस हर विधानसभा क्षेत्र में प्रात: 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक आयोजित किया जाएगा।
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