कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा 11 जून से 13 जून तक मैक की भरतमुनि रंगशाला में आयोजित तीन दिवसीय मंच उद्घोषक कार्यशाला का भव्य समापन हुआ। इस मौके पर कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल बतौर मुख्यअतिथि उपस्थित रही। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के निदेशक महेश्वर शर्मा ने की। प्रदेश में पहली बार आयोजित मंच उद्घोषक कार्यशाला के समापन अवसर पर धीरा खण्डेलवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश को केवल अग्रीकल्चर के लिए जाना जाता रहा है। किंतु विभाग की नीतियों व कार्यप्रणाली तथा कलाकारों की मेहनत से अब हरियाणा अग्रीकल्चर ही नहीं एवरी कल्चर है। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों के कला एवं संस्कृति के प्रति रुझान को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 150 से अधिक कलाकारों को कलामेधा, कलाप्रवीण आदि सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को एक सांस्कृतिक धरोहर के रुप में पहचान दिलाना है, जिसके लिए निरंतर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजित कर न केवल प्रतिष्ठित कलाकारों को सम्मान दिया जा रहा है, अपितु उभरते कलाकारों को भी अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहंी महेश्वर शर्मा ने भी गत वर्षों में विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के विषय में सभी को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग में बेहद सीमित अधिकारी तथा कर्मचारियों के भी प्रत्येक कार्यक्रम बड़़ी सफलतापूर्वक सम्पन्न होता है। इसके लिए न केवल विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र है बल्कि उच्च पदों पर आसीन व्यक्तित्व के उचित दिशा निर्देश भी सराहनीय है। कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रसिद्ध रेडियो कलाकार जैनेंद्र सिंह ने मंच उद्घोषणा के संदर्भ में लोगों को समझाया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा होती है, जिसे समयानुसार पहचान कर उचाईयों को छूआ जा सकता है। मंच संचालन के संदर्भ में उन्होंने बताया कि शब्दों के सही उच्चारण तथा भाषा की पकड़ से कही गई बात लोगों के दिलों तक पहुंचती है। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछ कर भी अपने ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास किया। समापन अवसर पर विभाग की सांस्कृतिक अधिकारी थियेटर तान्या जी.एस.चैहान ने रंगमंचीय प्रस्तुति देकर सभी को भावविभोर कर दिया। स्वदेश दीपक के नाटक कालकोठरी के एक अंश का तान्या चैहान ने इतना सजीव चित्रण किया कि दर्शक भावुक हुए बिना नहीं रह पाए। वहीं विभाग द्वारा लगाई गई नृत्य कार्यशाला के विद्यार्थियों ने हरियाणवी नृत्यों की प्रस्तुति देकर उपस्थिति का दिल जीता तथा हरियाणवी आरकैस्टा में नन्हें कलाकारों ने खूब समां बांधा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यअतिथि धीरा खण्डेलवाल ने सभी प्रतिभागियों को विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला उपायुक्त एस एस फुलिया, विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुभाष चंद्र सिहाग, कुवि की कुलसचिव नीता खन्ना, मैक के क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र शर्मा, रोहतक मण्डल के क्षेत्रीय निदेशक गजेद्र फौगाट, गुरुग्राम मण्डल के क्षेत्रीय निदेशक महेश जोशी, हिसार मण्डल के क्षेत्रीय निदेशक सोनाली फौगाट, प्रभारी रेनू हुड्डा, शिवकुमार, कुवि की नृत्य एवं संगीतविभागाध्यक्षा शुचिस्मिता, डा. महासिंह पुनिया आदि विशेष रुप से उपस्थित रहे।
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