कैथल, 20 जून: अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह ने कहा कि योग मन की वृतियों को नियंत्रण में करता है। योग करने से आत्मदर्शन का ज्ञान मनुष्य को होता है। योग के यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधी के 8 चरण हैं। योग करने से मानसिक, शारीरिक और अध्यात्मिक स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। यही नही योग मानसिक तनाव को खत्म करने के साथ-साथ आत्मिक शांति तथा बीमारियों से मुक्ति दिलाता है।
अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह 5वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पायलट रिहर्सल में महाराजा सूरजमल जाट स्टेडियम में योग साधकों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले अतिरिक्त उपायुक्त ने स्टेडियम के मुख्य द्वार के सामने से योगा मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया। शिविर का शुभारंभ दीपशिखा प्रज्ज्वलित करके किया गया। उसके बाद योग प्रशिक्षकों द्वारा योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया तथा शिविर का समापन्न संकल्प व शांति पाठ से किया गया। योग साधकों को संबोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नियमित योग करने से मस्तिष्क की सक्रीयता बढ़ती है और दिनभर ऊर्जा का संचार मानव के शरीर में होता है। योग करने वाले व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी बढ़ोत्तरी होती है और कई प्रकार की बीमारियों का ईलाज भी संभव है। योग जीवन दर्शन हैं।
उन्होंने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान किया था, जिसे मानकर लगभग 177 देशों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाने के प्रस्ताव पर अपनी मोहर लगाई थी। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि सभी इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। योग न केवल शारीरिक, मानसिक और श्वासों का व्यायाम है, बल्कि तन, मन और सोच की एकाग्रता के लिए भी जीवन में योग को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मानव कल्याण के लिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में योग को धारण करना चाहिए। योग से ही हर प्रकार की बीमारियों से छुटकारा मिल पाएगा। योग हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है तथा यह मन और शरीर को एकाग्र करता है। योग ने भारत को विश्व में नई पहचान दिलवाई है। आज पूरा विश्व ने योग की महत्ता को समझकर इसे धारण किया है। उन्होंने सभी से आह्वान भी किया कि 5वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी करें।
शिविर के दौरान योग शिक्षक रामचरण ने योग प्रोटोकॉल के तहत चालन, ग्रिवा चालन क्रियाओं के अभ्यास करवाए। इसके बाद ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, दंडासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशकासन, उतानमंडूकासन, वक्रासन, मक्रासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानापादासन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन, शवासन के अभ्यास योग साधकों को करवाए और इनके लाभ तथा सावधानी के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। योग प्रशिक्षकों ने इसके बाद प्राणायाम करवाए, जिसके तहत कपालभाति, अनुलोम विलोम, शीतली तथा भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास करवाते हुए ध्यान भी लगवाया।
इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक कुलभूषण व कुलवंत, जीएम रोडवेज रामकुमार, सिविल सर्जन एसके नैन, जिला शिक्षा अधिकारी जोगिंद्र हुड्डा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी पूनम वालिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, डीआईओ दीपक खुराना, डीएसओ सतविंद्र गिल, कार्यकारी अभियंता बनारसी दास, प्रशांत कुमार, कार्यक्रम अधिकारी रेणू पसरिचा, नगर परिषद के एसडीओ राजकुमार शर्मा, चंद्रशेखर, दिनेश पवार, अंजली, रमेश, समीर, रोबिन के अलावा पतंजलि, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, साईकिल क्लब, विभिन्न संस्थाओं के सदस्य तथा अन्य योग साधक मौजूद रहे।
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