कैथल, 21 जून: मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा सक्षम हरियाणा के 8 चरणों के बाद 107 खंड सक्षम घोषित हो चुके हैं तथा इसके अलावा 5 खंड सक्षम प्लस भी घोषित किए गए हैं। प्रदेश के 14 जिले सक्षम घोषित किए जा चुके हैं। हरियाणा प्रदेश पूरे देश में ऐसा प्रथम राज्य बन गया है, जहां पर विद्यार्थियों ने अंग्रेजी भाषा में गे्रड स्तर दक्षता हासिल की है। इन खंडों में कैथल का पूंडरी खंड भी शामिल है।
डॉ. राकेश गुप्ता विडियो कॉन्फेंस के माध्यम से सभी उपायुक्तों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ पीएनडीटी, पोकसो, मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल, सोशल मीडिया ग्रिवैंस ट्रैकर, सडक़ सुरक्षा, यातायात, अंत्योदय सरल, सार्वजनिक पुस्तकालय एवं सक्षम हरियाणा के क्रियांवयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सक्षम हरियाणा के तहत सभी अधिकारियों के प्रयासों से शानदार परिणाम सामने आए हैं। सक्षम के प्रथम स्तर के 8 चरणों में प्रदेश के 119 खंडों में 107 शिक्षा खंड सक्षम घोषित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 5 खंड सक्षम प्लस भी घोषित हुए हैं।
उन्होंने पीएनडीटी अधिनियम के क्रियांवयन की समीक्षा करते हुए कैथल की उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के इस दिशा मे किए गए प्रयासों की सराहना की। जिला में गत दिनों पीएनडीटी के 3 मामलों तथा एमटीपी के एक मामले में न्यायालय द्वारा प्रसव पूर्व लिंग जांच व प्रतिबंधित दवाईयां बेचने का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि सभ्य व संतुलित समाज के निर्माण के लिए निरंतर सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल की समीक्षा करते हुए ऑवर ड्यू शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमित अंतराल पर बैठकें लें तथा हर दिन में दो बार इस पोर्टल को चैक करें।
उन्होंने सडक़ सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कहा कि नियमित रूप से सडक़ सुरक्षा की बैठकें आयोजित की जाएं ताकि सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली जान की हानि को कम किया जा सके। इन बैठकों में सभी वरिष्ठï अधिकारी भी भाग लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने अंत्योदय सरल की समीक्षा करते हुए कहा कि राष्टï्रीय स्तर पर इस प्रोजैैक्ट की सराहना हो रही है। सभी अधिकारी अपने स्कोर को बढाने के लिए और ज्यादा प्रयास करें।
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पीएनडीटी एवं एमटीपी अधिनियमों की सख्ती से क्रियांवित किया जा रहा है। जिला में मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर प्राप्त शिकायतों की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जा रही है। सडक़ सुरक्षा की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। अंत्योदय सरल की भी समय-समय पर समीक्षा की जा रही है। नगराधीश प्रदीप अहलावत तथा डीआईओ दीपक खुराना ने भी सोशल मीडिया ग्रिवैंस ट्रैकर एवं अंत्योदय सरल के संदर्भ में जानकारी दी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम, अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह, गुहला के उपमंडलाधीश महेंद्र पाल, कैथल सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक जगदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. एसके नैन, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजबीर खुंडिया, जिला शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र हुड्डïा, उप जिला न्यायवादी जनक राज, पीओआईसीडीएस रेणु पसरीचा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश शिवाच, डाईट प्राचार्य दलीप सिंह, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी चंद्राणी रॉय सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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