करनाल 09 जुलाई: उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने कहा कि जल ही जीवन पायलट योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है तथा हमें जल की महत्वता को समझना चाहिए व जल संचय के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को जल के संकट का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को मक्का की खेती के प्रोत्साहित कर रहे हैं तथ इस योजना का मकसद धान की बजाए कम पानी में पैदा होने वाली किसानों को जागरूक करना है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 7 जिलों के 8 ब्लॉकों में यह योजना शुरू की गई है, करनाल जिले में असंध ब्लॉक को इस योजना के तहत शामिल किया गया है, जिससे सिस्टम में बदलाव हो और पानी की बचत हो। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एक किलो धान के उत्पादन में 3 हजार से 5 हजार लीटर पानी का प्रयोग होता है जबकि मक्का जैसी अन्य फसलों में इसकी तुलना में बहुत कम मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। प्रति वर्ष भूमिगत जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है जिससे आने वाली पीढिय़ों के सामने जल संकट खड़ा हो जायेगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की गई है। उन्होंने किसानों के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी आगे आकर जल संरक्षण में सहयोग देने के लिए आहवान किया है।
बॉक्स: व्यर्थ बहते पानी को रोकना हम सबकी सामुहिक जिम्मेवारी है
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने सभी लोगों से आह्वान किया है कि हमें जल की महत्वता के बारे स्वयं सचेत होना होगा तभी हम दूसरों को इसकी महत्वता के बारे जागरूक कर सकेंगे। व्यर्थ बहते हुए पानी को रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेवारी है। जहां पर भी नल खुले हों उसे बंद करना चाहिए ताकि व्यर्थ पानी न बहे। जब हम सब मिलकर कार्य करेंगे तो निसंदेह जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
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