Breaking News
Home / Uncategorized / पूर्व सरपंचों, जिला परिषद के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, पंचायत समिति के अध्यक्षों की पेंशन देना सरकार का अहम फैसला: विधायक हरविन्द्र कल्याण

पूर्व सरपंचों, जिला परिषद के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, पंचायत समिति के अध्यक्षों की पेंशन देना सरकार का अहम फैसला: विधायक हरविन्द्र कल्याण

घरौंडा/करनाल 10 जुलाई: घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण ने प्रदेश में पूर्व सरपंचों, जिला परिषदों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों और पंचायत समिति के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को पेंशन देने का फैसला अहम है जिसका उन्होंने स्वागत किया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार प्रकट किया और कहा कि इनको मुख्यमंत्री ने सम्मान दिया है।

विधायक ने जारी ब्यान में कहा कि कल ही हरियाणा सरकार द्वारा पंचायतीराज के इन पदाधिकारियों को पेंशन देने का निर्णय लिया गया है, वह सराहनीय है। इस निर्णय के तहत जिला परिषदों के पूर्व अध्यक्षों को 2 हजार रुपये, पूर्व उपाध्यक्षों को 1 हजार रुपये, पंचायत समितियों के पूर्व अध्यक्षों को 1500 रुपये, पूर्व उपाध्यक्षों को 750 रुपये और पूर्व सरपंचों को 1 हजार रुपये मासिक पेंशन के तौर पर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि यह पेंशन 1994 में जब से पंचायतीराज एक्ट लागू हुआ था उस समय से चुने गए सरपंचों व अन्य पंचायतीराज के पदाधिकारियों पर लागू होगा।

उन्होंने बताया कि अनुमानित आंकड़ों के अनुसार इस समय राज्य में जिला परिषदों के 75 पूर्व अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पंचायत समितियों के 462 पूर्व अध्यक्ष और उपाध्यक्ष और 24 हजार 262 पूर्व सरपंच हैं, जिन्हें सरकार के इस फैसले से पेंशन का लाभ मिलेगा । इस पेंशन से 25 हजार 336 लोगों को वार्षिक 30 करोड़ से अधिक बतौर पेंशन वितरित किये जायेंगे। इस पेंशन के तौर पर सरकार हर साल 30.6 करोड़ से ज्यादा का वितरण करेगी। उन्होंने बताया कि पेंशन के लिए वही लोग पात्र होंगे जो बुजुर्ग सम्मान पेंशन के अलावा किसी भी तरह की पेंशन नहीं ले रहे हैं तथा कोई प्रतिनिधि एक से अधिक बार निर्वाचित हुआ है, तो उसे एक बार की पेंशन ही मिलेगी। जिन जन प्रतिनिधियों ने अपने कार्यकाल का कम से कम ढाई साल पूरा नहीं किया होगा उन्हें भी यह पेंशन नहीं मिलेगी।

About postnow

Check Also

सरकार ने किसानों के लिए खोला क्षतिपूर्ति पोर्टल:नेहा सिंह

कुरुक्षेत्र । उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए राजस्व विभाग …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *