कैथल / कलायत, 16 जुलाई: जिला में चलाए गए जल शक्ति अभियान के तहत केंद्र सरकार की ओर से आई टीम ने जिला के विभिन्न गांवों का दौरा करके जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। केंद्रीय कृषि विभाग के उप सचिव मृत्युंजय कुमार मिश्रा तथा वैज्ञानिक पीके नायक ने कलायत, गांव रामगढ़ पांडवा, कलासर, माजरा रोहेड़ा, सौंगरी, राजौंद आदि क्षेत्रों का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने पौधारोपण भी किया।
केंद्रीय टीम ने कलायत के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट का दौरा किया, जहां पर साफ किए गए पानी को खेती के कार्यों में उपयोग करने के लिए उपयुक्त पाया गया। उन्होंने उपस्थित किसानों से आह्वान किया कि किसान इस पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे पानी की बचत होगी। इस पानी का इस्तेमाल करने पर भूमि की उर्वरा शक्ति पर भी कोई प्रभाव नही पडे़गा तथा पैदावार भी अच्छी होगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को पानी को बचाने के लिए अनेक उपाय करने होंगे। प्रकृति की अमूल्य देन जल को बचाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्ग दर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा इस दिशा में प्रयास शुरू किए गए हैं। पानी का अधिक दोहन होने के कारण भूमिगत जल स्तर में गिरावट आई है। कई क्षेत्र डार्क जोन में चले गए हैं। हमारे देश में स्वच्छ जल की उपलब्धता बहुत कम मात्रा में रह गई है, जबकि उसका दोहन अधिक मात्रा में किया गया है। जल शक्ति अभियान के तहत देश के 254 जिलों को चयनित किया गया है, जहां जल संरक्षण की दिशा में अनेक कार्य किए जाने हैं।
केंद्रीय टीम ने इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम गांव रामगढ़ पांडवा में 5 पौंड सिस्टम, गांव कलासर में सोखता गड्ढे, सौंगरी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, माजरा रोहेड़ा तथा राजौंद में 5 पौंड सिस्टम प्रणाली के बारे में फीडबैक ली। इस अवसर पर कार्यकारी अभियंता बनारसी दास, महेंद्र सिंह राणा, सुरेंद्र कुमार, अजय सिंह ढुल, कमल कुमार, चंद्र शेखर आदि मौजूद रहे।
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