कुरुक्षेत्र, 19 जुलाई। धर्मनगरी के अनुराग अत्रि व अर्चना अत्रि के बुलावे पर 42 विदेशी अब कुरुक्षेत्र में पहुंचकर श्रीमद्भगवद्गीता, भारतीय दर्शन, अध्यात्म और योग के बारे में जानेंगें। अनुराग अत्रि ने जानकारी देते हुए बताया कि 29 जुलाई को रशिया व बेल्जियम से 42 विदेशी यात्री भारत भ्रमण पर आ रहे हैं। इन सभी यात्रियों का भारत में आने का विषय भी लोक कल्याण की मार्ग है गीता रहेगा। अनुराग अत्रि ने बताया की यह ग्रुप कुरुक्षेत्र का इतिहास तथा श्रीमद्भगवद्गीता के महत्व को जानने के साथ-साथ हिमाचल और लद्दाख में जाकर भारतीय दर्शन, अध्यात्म और योग को जानने का प्रयास करेगा। इस ग्रुप में जहां पर 24 महिलाएं हैं अन्य पुरुष हैं। विदेशी महिलाओं का कुरुक्षेत्र, श्रीमद्भगवद्गीता, भारतीय दर्शन, अध्यात्म और योग की तरफ ध्यान वाकई एक सोचने वाला विषय है। अनुराग का कहना है कि इस ग्रुप के साथ 15 दिनों तक रहना उनके लिए चांद पर कदम रखने जैसा है। अत्रि ने कहा कि गीता सिर्फ एक धार्मिक किताब नहीं बल्कि एक सही दिशा है यह इंसान को अपने आप से परिचित करवाती है। आज हर इंसान अपने आप से नहीं बल्कि दूसरों से रेस लगाने में लगा है बिना यह जाने की आखिर उसे जाना कहा है। जब तक वह समझ पाता है तब तक स्ट्रेस, चिंता, अकेलापन और टूटते रिश्ते उसे चारों तरफ से घेर लेते है। यदि सही समय पर व्यक्ति को मार्गदर्शन मिल जाये तो काफी हद वह अपने आप को इनसे बचा सकता है।
बता दें कि अनुराग अत्रि व अर्चना अत्रि को पिछले साल मई मे मोंटेगारों कि सांस्कृतिक एजेंसी ने उनको पूरे परिवार के साथ 30 मई को आने का निमंत्रण दिया था और उनके व्याख्यानों को सुना था। अनुराग ने कहा कि अगस्त माह में लंदन में हो रहा गीता महोत्सव सरकार का सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि यदि उस मौका मिला तो वे लंदन में गीता के प्रचार और प्रसार के लिए जरूर जाएंगें।
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