कुरुक्षेत्र 22 जुलाई: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि हरियाणा प्रदेश की सरजमीं का इतिहास सिख गुरुओं से जुड़ा हुआ है। इस प्रदेश की माटी में वैसे तो अनेकों गुरुद्वारा साहिब है जहां रोजाना श्रृद्घालु श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को नमन करते है, वहीं इस पवित्र भूमि पर सिख गुरुओं के 82 ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब है, जहां पर सिखों के 10 गुरुओं के चरण कमल पड़े। अहम पहलु यह है कि कुरुक्षेत्र ही एक ऐसी भूमि है जहां पर सिखों के 8 गुरु साहिबान ने अपने चरण रखकर इस भूमि को पवित्र किया। आज पूरी दुनिया को गुरु साहिबान के दिखाए मार्ग पर चलने की जरुरत है ताकि गुरु साहिबान के मार्ग पर चलकर देश तरक्की की राह पर पूरी दुनिया में सबसे आगे नजर आ सके।
राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी रविवार को देर सांय सर्किट हाउस में जगत गुरु श्री गुरुनानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाशोत्सव को लेकर कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। राज्यमंत्री ने कहा कि देश में हरियाणा ही एक ऐसा राज्य है जहां पर सरकार की तरफ से सभी समाजों के महापुरुषों और गुरुओं के जयंती समारोह को सरकारी तौर पर मनाया जा रहा है। जब प्रदेश की जनता महापुरुषों, संतों और गुरुजनों के मार्ग पर चलेगी तो निश्चित ही समाज को शिक्षा और संस्कार मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से दसवीं पातशाही गुरु गोङ्क्षबंद सिंह महाराज के 350वें प्रकाशोत्सव को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया था, अब सरकार की तरफ से 4 अगस्त को सिरसा की पवित्र भूमि पर जगत गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 550वां प्रकाशोत्सव बहुत बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। इस प्रकाशोत्सव को लेकर समाज के सभी वर्गो में उत्साह देखने को मिल रहा है और सरकार की तरफ से प्रकाशोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ तमाम प्रबंधों के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इस प्रकाशोत्सव के मुख्यातिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रकाशोत्सव के संदेश को जन मानस तक पहुंचाने के लिए सरकार और संगठन भरसक प्रयास कर रहा है। सरकार की तरफ से पहली बार प्रदेश के 11 जिलों के 82 ऐतिहासिक गुरुद्वारों पर सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग की तरफ से लोगों को निमंत्रण देने के लिए भव्य फलैक्स बोर्ड स्थापित किए है। इन फलैक्स बोर्ड पर प्रकाशोत्सव के कार्यक्रम का विस्तृत ब्यौरा भी अंकित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुरुक्षेत्र की भूमि पर सबसे ज्यादा 18 ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब है। इसके अलावा यमुनानगर में 17, पानीपत और गुरुग्राम में एक-एक, करनाल में 8, सिरसा में 7, अम्बाला में 15, कैथल और जींद में 4-4, रोहतक में 2 तथा पंचकूला में 5 ऐतिहासिक गुरुद्वारे है। इन सभी गुरुद्वारों में भी प्रकाशोत्सव को बड़े हर्षोल्लास के साथ संगत द्वारा मनाया जाएगा।
थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि हरियाणा की माटी के जर्रे-जर्रे पर गुरु साहिबान के चरण पड़े है, अगर हरियाणा को गुरुओं की स्थली कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इन तमाम पहलुओं को जहन में रखते हुए ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहली पातशाही गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाशोत्सव को सरकारी तौर पर बड़े स्तर पर मनाने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। लाडवा विधायक डा. पवन सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का यह एक सराहनीय कदम है कि गुरु साहिबान के प्रकाशोत्सव को सरकारी तौर पर धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस जिले से हजारों की संख्या में श्रृद्घालु प्रकाशोत्सव में पहुंचेंगे। इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, रविन्द्र सांगवान, सुनील राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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