करनाल 30 जुलाई: हरियाणा के कृषि एवं पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पिछले 5 साल में जो किसानों के उत्थान के लिए कार्य किया और अगले पांच साल में इससे बेहतर करने के लिए सभी से संवाद करके सांझा संकल्प पत्र बनाया जाएगा ताकि प्रदेश का किसान उन्नत हो।
मंत्री मंगलवार को बागवानी प्रशिक्षण केन्द्र के सभागार में आयोजित संकल्प पत्र किसान परामर्श गोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस गोष्ठी करनाल, पानीपत, कैथल, कुरूक्षेत्र के पशुपालन, बागवानी, डेयरी, मत्स्य व ग्रामीण विकास के व्यावसाय से जुड़े किसान व अधिकारी उपस्थित थे। इस गोष्ठी का मंत्री व घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण, पानीपत के विधायक महिपाल ढांडा, नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी, लाडवा के विधायक पवन सैनी, राज्य सभा के पूर्व सदस्य रणबीर गंगवा, किसान आयोग के चेयरमैन डा०रमेश यादव की उपस्थिति में दीप प्रज्जवलित करके किया।
मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा पिछले पांच वर्ष में किसानों की फसल के खराबे का मुआवजा 4665 करोड़ रूपये दिया है, जबकि पिछले 15 साल की सरकारों ने केवल 1500 करोड़ रूपये दिये, पहले मुआवजे के रूप में केवल दो से अढाई रूपये तक के चेक मिलते थे, परन्तु हमारी सरकार ने कम से कम पांच सौ रूपये के चेक दिये। पिछली सरकारों में प्रति एकड़ मुआवजा 6 हजार रूपये मिलता था, जबकि हमारी सरकार में मुआवजा 12 हजार रूपये दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भावान्तर भरपाई योजना के तहत किसानों की आलू, प्याज, गोभी व टमाटर की फसल को सडक़ों पर नहीं फेंकने दिया बल्कि लागत मूल्य पर सरकार ने खरीदा, जिससे 9 करोड़ रूपये किसानों के खाते में सरकार ने भेजे। उन्होंने कहा कि सूरजमुखी, सरसों, बाजरा, चना, मूंग, कपास की खरीद भी वर्तमान सरकार ने की है, इससे पहले की सरकारों में किसानों को अपनी फसल बेचने में काफी दिक्कत आती थी। उन्होंने कहा कि बागवानी को बढ़ावा दिया है, 13 उत्कृष्ठता केन्द्र वर्तमान सरकार ने बनाए है, इससे पहले केवल दो ही ऐसे केन्द्र थे। बागवानी गांव के लिए 510 करोड़ रूपये का बजट देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि दूध को बढ़ावा देने के लिए दुधारू पशुओं को सम्मानित किया जा रहा है, 25 किलो दूध देने वाली गाय को 20 हजार रूपये और 20 किलो से नीचे दूध देने वाली गाय को 10 हजार रूपये का ईनाम दिया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा अब तक ईनाम के रूप में 10 करोड़ रूपये दिये गए। अब हरियाणा में 1087 ग्राम प्रति व्यक्ति दूध का उत्पादन हो रहा है, जबकि पहले यह उत्पादन 800 ग्राम के लगभग था। हरियाणा सरकार ने पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए पशु पंजीकृत ऑथोरिटी बनाई है, जो गौ माताएं ज्यादा दूध देती है, उसको पंजीकृत किया जाता है, इतना ही नहीं हरियाणा सरकार ने ब्रिडिंग की एसोसिएशन बनाई है, जिसमें सांड व झोटा सर्टिफाईड होगा ताकि आगे की नस्ल में सुधार हो और ज्यादा दुधारू नस्ल के पशु को पैदा किया जा सके। उन्होंने कहा कि डेयरी के लोन को ब्याज फ्री बनाया गया है, 5 गाय की डेयरी पर 50 प्रतिशत अनुदान हरियाणा सरकार दे रही है। मछली पालन में भी प्रदेश ने पांच साल में तरक्की की है, अब इस विभाग का 150 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है जबकि पहले इसका बजट केवल 5 करोड़ रूपये तक था। उन्होंने कहा कि मछली पालकों को हमारी सरकार ने 80 करोड़ रूपये अनुदान में दिये है। मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को सम्मान देने का काम किया गया है। कृषि रत्न से 63 लोगों को सम्मानित किया गया और हरियाणा के तीन लोगों को पदम श्री से भी सम्मानित किया गया, जिसमें करनाल के सुल्तान सिंह भी शामिल है। उन्होंने गन्ने के भाव को बढ़ा करके प्रति एकड़ किसानों को 16 हजार रूपये देने का काम किया है।
बॉक्स: इन किसानों ने मंत्री से किया संवाद।
इस मौके पर किसानों ने मंत्री के सामने संवाद किया। कैथल के सुशील ने कहा कि मिड डे मील में दूध व अंडों की सप्लाई की जाए। करनाल के सुल्तान सिंह ने कहा कि मछली पालन कम पानी व कम जगह में भी हो सकता है, इसलिए जहां भी खाली जगह है, उसमें समूह बनाकर मछली पालन करवाया जाए। रिंकू लाडवा ने भादसों मिल की पेंमेट जल्दी करवाने की बात रखी। खोतपुरा, पानीपत के जगदीश संधू ने मंत्री से कहा कि मछली पालक को कम से कम एक साल का बच्चा दिया जाए जो जल्दी तैयार हो जाता है। छोटा बच्चा दो साल में तैयार होता है, जिससे छोटे किसान को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। नरेश तरावडी ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए, रवि मथाना ने सेल सेंटर उपलब्ध करवाने, दूध का समर्थन मूल्य लागत का डेढ प्रतिशत होने की मांग रखी।
बॉक्स: किसान अपने उत्पादकों को बेचना सीखे, डेयरी को बढ़ावा देने के लिए गाय व भैंस की बनाये पीजी: मंत्री ओपी धनखड़।
मंत्री ओ पी धनखड़ ने संवाद कर रहे किसानों से उत्तर देते हुए कहा कि किसान अपने उत्पाद का ब्रांड बनाए और उसे बड़ी मंडियों में भेजे, जिससे प्रचार-प्रसार तो होगा ही और आय के स्त्रोत भी खुलेंगे। मंत्री ने किसानों में जोश भरते हुए कहा कि उनका उद्देश्य एक ही है कि किसानों को अपनी फसल बेचना-सीखना होगा। विदेश में भी हमारे उत्पाद की धाक मिचे, तभी किसान की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। उन्होंने किसानों को कहा कि वह डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए गाय, भैंस की पीजी बनाए, तभी किसान उन्नत होगा।
बॉक्स: मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को दिये 1846 करोड़ रूपये, आगजनी व जल भराव के खेत के लिए भी हरियाणा सरकार प्रति एकड़ देती है 12 हजार रूपये का मुआवजा
मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्ष में हरियाणा सरकार द्वारा 1846 करोड़ रूपये प्रधानमंत्री बीमा फसल योजना के तहत किसानों को दिया गया, जबकि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम के रूप में करीब 1400 करोड़ रूपये बीमा कम्पनी को प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि फसल में आगजनी की घटना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नहीं आती, इसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा 12 हजार रूपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल भराव के कारण भी इसी प्रकार का प्रावधान है। हाल ही में हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के खेत में एक फुट से उपर जल भराव को भी इसमें शामिल किया जाएगा। किसानों को इस योजना का लाभ उपायुक्त के माध्यम से जिला राजस्व अधिकारी व तहसीलदार से लेना होगा।
बॉक्स: ये रहे उपस्थित।
कार्यक्रम में उप-कृषि निदेशक डा०आदित्य डबास, जिला बागवानी अधिकारी डा०मदन लाल, बागवानी प्रिंसिपल डा०जोगिन्द्र सिंह, भाजपा के जिला महामंत्री राजबीर शर्मा, भाजपा नेता जगदेव पाढा, शमशेर नैन सहित पशुपालन, बागवानी, डेयरी, मत्स्य से जुड़े उत्पादक व किसान उपस्थित थे।
Post Now India Post Now India