कैथल, 2 अगस्त: अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री अमित शर्मा ने कहा कि किसान अन्नदाता है। देश में जब-जब अन्न की कमी हुई है, तब किसान ने कड़ी मेहनत से लोगों के भरण-पोषण का प्रबंध किया है। उन्होंने जल शक्ति अभियान के संदर्भ में किसानों का आह्वान किया कि वे जल संरक्षण के प्रति अभी जागरूक नहीं हुए तो, हमारी भावी पीढियों के सामने भयंकर जल संकट उत्पन्न हो जाएगा।
श्री अमित शर्मा स्थानीय हनुमान वाटिका स्थित अग्रसेन भवन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण विषय पर आयोजित जिला स्तरीय किसान मेले में उपस्थित किसानों को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीसरा विश्वयुद्घ भी जल के लिए ही होगा यदि हमने आज जल संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया। जिला परिषद के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश राविश ने बतौर विशिष्टï अतिथि शिरकत की। विभाग द्वारा वन विभाग के सहयोग से किसानों को लगभग 1200 पौधों का वितरण किया गया। विभाग की ओर से कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व अन्य अतिथिगण को पर्यावरण संरक्षण का संदेश सार्थक करते हुए पौधे भेंट किए। इस मौके पर किसानों ने किसान सम्मान निधि एवं मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के फार्म भी जमा करवाए।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने किसान मेला में उपस्थित सभी किसानों को जल संरक्षण की शपथ दिलवाई। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का महत्वपूूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत जल संरक्षण की मुहीम शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी के मार्गदर्शन में जल शक्ति अभियान के तहत सराहनीय कार्य किया जा रहा है तथा कैथल जिला इस अभियान के क्रियांवयन में राष्टï्र स्तर पर चौथे पायदान पर पहुंच गया है, जो सबकी भागीदारी से ही संभव हो पाया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल संरक्षण में पूर्ण सहयोग करें तथा गांवों में बेकार हो चुके पुराने जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करें ताकि जिला कैथल को इस अभियान में सम्पूर्ण देश में प्रथम स्थान दिलवाया जा सके।
कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. देवेंद्र चहल ने किसानों को कहा कि वे अपने घर या खेत में एक फलदार पौधा अवश्य लगाएं। इन पौधों में पानी की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने किसानों को ज्यादा से ज्यादा बाग लगाने तथा बागवानी फसलों के लिए प्रेरित किया। जैविक खेती के मास्टर ट्रेनर टेक चंद ने किसानो को जैविक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जों, मक्का, ज्वार की खेती में पानी की कम आवश्यकता होती है। उन्होंने रासायनिक खादों की जगह वेस्ट डिकम्पोजर व जीवा अमृत बनाने की विधि भी बताई। उन्होंने फसलों की विभिन्न बीमारियों के उपाय भी बताए। एडीओ डॉ. सज्जन कुमार ने सीआरएम योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान फसल कटाई के बाद बेहत्तर फसल अवशेष प्रबंधन करें, जिसके लिए विभाग द्वारा कृषि उपकरणों पर 50 से 80 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। डॉ. आरसी वर्मा ने किसानों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के प्रेरित किया। जन स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार दीपक शर्मा ने कहा कि जल शक्ति अभियान को जन अभियान बनाएं, तभी हम जल संरक्षण करने में सफल हो सकेंगे।
इस अवसर पर डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. सतीश नारा एवं डॉ. दयानंद रेढु ने सभी अतिथिगण एवं किसानों का आभार प्रकट किया। इस मौके पर गुरनाम जाजनपुर, धीरेंद्र क्योडक़, कुलदीप धारीवाल, सुरेंद्र जाजनपुर, राजेश सिकंदर खेड़ी, गुरुदयाल, मोहन लाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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