कुरुक्षेत्र, 06 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी संस्थान में चल रहे इंडक्शन कार्यक्रम के अन्तर्गत व्यक्तित्व विकास पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय इंस्टीटयूट ऑफ इंटीग्रेटिड एंड ऑनर्स स्टडीज की डॉ. रीटा दलाल ने कहा कि आज इंसान सार्वभौमिक सुखों की प्राप्ति के लिए लालच से कार्य करता है। सिर्फ उसे धन कमाने की इच्छा उसकी बुद्धि को अपने अनुरूप चलाती है। इस दिशा में वह धन तो कमा लेता है परंतु अपना सही चरित्र निर्माण नहीं कर पाता। इस प्रकार व्यक्तित्व विकास के लिए मानवीय मूल्यों का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वो अपने जीवन में संत महात्माओं से प्रेरणा लेनी चाहिए ताकि उनका जीवन भी उनकी तरह चरित्रवान हो सके। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे शिक्षा के साथ अपने मौलिक कर्तव्यों का सदुपयोग करें। जिससे उनके जीवन का कुछ पल
देश हित में काम आए ताकि देश की प्रभुसत्ता और अखंडता को बढ़ावा मिले। ऐसी शिक्षा ही विद्यार्थी के मानवीय मूल्यों को और अधिक परिपक्व बनाती है।
दूसरे सत्र में रिटायर्ड मेजर रविन्द्र कौशिक ने विद्यार्थियों को सडक़ सुरक्षा के बारे में बताते हुए कहा कि आजकल युवा छात्र-छात्राएं सडक़ पर चलते समय मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करते है। जिसके कारण समय-समय पर दुर्घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को सडक़ सुरक्षा नियमों को अपने विद्यार्थीकाल में ही जानना चाहिए ताकि जीवन सुरक्षित रह सके। उन्होंने सडक़ सुरक्षा नियम के विभिन्न पहलुओं को विद्यार्थी से अवगत करवाया। उन्होंने कहा अपनी सुरक्षा देश की सुरक्षा है इसलिए सभी विद्यार्थी अपने साथ देश की सुरक्षा देखते हुए सडक़ सुरक्षा नियमों का पालन करें।
संस्थान के निदेशक प्रो. सीसी त्रिपाठी ने कहा कि आखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के दिशानिर्देश के अनुसार विद्यार्थियों को हम विद्यार्थी जीवन में काम आने वाली शिक्षाओं को विभिन्न विषय विशेषज्ञों से अवगत करवा रहे हैं। ताकि हमें इस दिशा में किसी प्रकार की नाकारात्मक प्रवृति का सामना न करना पड़े और विद्यार्थियों को सही समय पर सही शिक्षा मिल सके। सुबह के एक सत्र में सभी विद्यार्थियों को योग व मेडिटेशन करवाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजिका डॉ. उर्मिला, डॉ. राजेश कालिया, नेहा दुग्गल, अर्चित शर्मा, हरनेक सैनी, नवीन बेदी, हरिकेश पपोसा आदि मौजूद रहे।
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