कुरुक्षेत्र 9 अगस्त उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि कुरुक्षेत्र को पॉलिथीनमुक्त जिला बनाना है, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को पॉलिथीन रखने वाले और पॉलिथीन का प्रयोग करने वाले लोगों पर शिकंजा कसना होगा तथा आदेशों की अवहेलना करने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई भी अमल लानी होगी। इतना ही नहीं कुरुक्षेत्र जिले में 31 अगस्त 2019 तक एनजीटी के एक-एक आदेश कि पालना करनी होगी और इस मामले में जो भी अधिकारी लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वे शुक्रवार को लघु सचिवालय एनआईसी कार्यालय में एनजीटी के आदेशों की पालना को लेकर विभिन्न विषयों पर नप व नगर पालिकाओं के अधिकारियों की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को एनजीटी के आदेशों की पालना करवाने के आदेश दिए और अभी तक किए गए कार्यो की फीडबैक रिपोर्ट भी हासिल की है। उपायुक्त ने कहा कि कुरुक्षेत्र को पॉलिथीन मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया है, इस अभियान के तहत थानेसर नगर परिषद में 132 चालान करके 95 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला किया है। इसी तरह लाडवा नगर पालिका ने तक 56 चालान करके 62 हजार रुपए का जुर्माना किया है। इस्माईलाबाद नगर पालिका की तरफ से हर माह चालान किए जा रहे है और नगर पालिका पिहोवा द्वारा 22 चालान किए गए है।
एनजीटी के आदेशों के अनुसार थानेसर सहित सभी नगर पालिकाओं में घर-घर से कूड़ा-कचरा एकत्रित किया जा रहा है। इसके लिए पर्याप्त साधनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में गीले और सुखे कचरे का अलग से निपटान किया जा रहा है। थानेसर में 30 डम्पर गीले कचरे के लिए और 30 डम्पर सुखे कचरे के लिए लगाए गए है। इसी तरह सभी शहरों में इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही है। थानेसर शहर में कार्मिशियल क्षेत्र में 1490 छोटे डस्टबीन रखे गए है, शाहबाद में हर 100 मीटर के बाद डस्टबीन रखा गया है और लाडवा में 120 तथा पिहोवा में हर 100 मीटर के बाद छोटा डस्टबीन रखा गया है।
उपायुक्त ने कहा कि थानेसर शहर के कार्मिशियल क्षेत्र को रात्रि के समय साफ करने के लिए 50 डम्पर लगाए गए है। यह कर्मचारी रोजाना रात्रि के समय सफाई का कार्य करते है। इसी तरह सभी अधिकारियों को व्यवसायिक क्षेत्र के साथ-साथ रिहायशी क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में नियुक्ति की जाए और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी नगर पालिकाओं को डम्पिंग स्थल पर कचरे का उचित प्रबंध करने के लिए दवाई डालने के साथ-साथ उचित व्यवस्था की जाए ताकि आसपास के क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। इसके अलावा शहरों में सडक़ों पर किसी भी तरह की निर्माण सामग्री नजर नहीं आनी चाहिए। नगर परिषद थानेसर ने लोगों को वेस्ट निर्माण सामग्री को उठाने के लिए 1 हजार रुपए प्रति ट्राली मुहैया करवाने की सुविधा भी दी है, यह ट्राली निर्माण सामग्री को बाहरी मौहल्ला में निर्धारित किए स्थल पर डालेगी।
उन्होंने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट का उठान करने के लिए रुद्राक्ष कम्पनी कार्य कर रही है, लेकिन अधिकारियों को इस कम्पनी पर नजर रखनी होगी। इसके साथ ही ई-वेस्ट मैनेजमेंट के लिए शीघ्र ही इलेक्ट्रोनिक और मोबाईल फोन का काम करने वाले दुकानदारों की एक बैठक बुलाई जाए ताकि ई-वेस्ट का किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी में सीवरेज का पानी जाने से रोकने के लिए नगर परिषद थानेसर द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस नदी में 22 जगहों से पानी जा रहा था, इसमें से 18 जगहों को बंद कर दिया गया है और 4 जगहों पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस कार्य पर करीब 80 लाख रुपए खर्च होगा। इसी तरह शाहबाद, लाडवा और पिहोवा में भी कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता, लाडवा एसडीएम एवं नगराधीश अनिल यादव, पिहोवा एसडीएम डा. संजय कुमार, नप सचिव केएल बठला सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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