कुरुक्षेत्र, 10 अगस्त। शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फैकल्टी डेवलेपमेंट सेंटर द्वारा आयोजित 30 दिवसीय इडक्शन ट्रैनिंग प्रोग्राम में सीमा धवन ने एजुकेशन आफ सस्टेनेबल डेवेलेपमेंट एंड रिसर्च विषय पर अपना व्यक्तव्य प्रस्तुत किया। डॉ. सीमा ने बताया कि सतत् विकास में प्राकृतिक संसाधन, सामाजिक विकास, राजनैतिक विकास से सम्बन्धित अनेक समस्याएं बाधक हैं। सतत् विकास के तीन तत्वों पर्यावरण, समाज, अर्थव्यवस्था पर विचार करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सतत विकास हेतु पर्यावरण, स्वस्थ समाज का होना, सतत् अर्थव्यवस्था की प्राप्ति, कुशल प्रशासनिक व्यवस्था विज्ञान की पद्धति(वैज्ञानिक प्रणाली) का उचित प्रयोग आदि मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। आपैचारिक और अनौपचारिक शिक्षा, जिसमें जन-जागरूकता और प्रशिक्षण का होना आवश्यक है। ऐसी शिक्षा सतत् विकास को बढ़ावा देने तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सतत् विकास के लिए आर्थिक, आत्मनिर्भर गरीबी उन्मूलन तथा वसुदेव कुटुम्बकम् की भावना का होना अत्यंत आवश्यक है। 2030 के लिए नियोजित प्रक्रिया के विकास के लिए सम्बन्धित शिक्षा के 17 उद्देश्यों के विषय में भी जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों से आए हुए शिक्षक प्रतिभागियों ने इस व्याख्यान का लाभ उठाया। इस कार्यक्रम में डॉ. तरूणा ढुल व सभी शिक्षक प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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