करनाल 10 अगस्त, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री की इच्छा है कि प्रदेश के लोगों को तुरंत न्याय मिले। लोगों की हर समस्या का निवारण करना हमारी जिम्मेवारी है, इसलिए मैं यहां पर आया हूं, यदि मैं अधिकारियों के चक्कर में पड़ूंगा तो किसी का भला कैसे करूंगा।
मंत्री कृष्ण बेदी शनिवार को पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की अपनी पहली बैठक में पहुंचे और उन्होंने एजेंडे में रखी 13 शिकायतों को सुना, जिनमें से 9 का निपटान कर दिया। उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष मंत्री कृष्ण बेदी सहित समिति के सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों का स्वागत किया। उसके उपरांत एजेंडे के अनुसार शिकायतों की सुनवाई की गई। मंत्री हर शिकायत पर आक्रमक दिखे, मंत्री द्वारा शिकायत पर अधिकारियों से संज्ञान लेते हुए हर प्रश्र-उत्तर में कष्ट निवारण समिति के सदस्य खुशी के मारे तालियां बजाते दिखाई दिए। मंत्री ने कहा कि मेरा काम मुख्यमंत्री के आदेशानुसार आम जनता की समस्या को सुनकर उसका निदान करना है, यदि इससे पहले अधिकारी इन समस्याओं का निदान करते तो इन शिकायतकर्ताओं को यह दिन दिखाई नहीं देते। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चार-चार साल पुरानी समस्या का अभी तक समाधान नहीं, तो कहां जाए आम आदमी।
बॉक्स: साहब मेरी बीमा राशि के पैसे दिला दो, मेरा क्या कसूर: पीडि़त किसान की पुकार।
-मंत्री ने किसान को आश्वस्त किया कि मैं भी पैसे नहीं दिला पाया तो कोई भी नहीं।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पतनपुरी के किसान गगनदीप शर्मा ने मंत्री से गुहार लगाई कि प्रधानमंत्री बीमा फसल योजना के तहत खरीफ की फसल की प्रीमियम की राशि तो कटी है, परन्तु उन्हें अभी तक गांव की एवरेज पैदावार के हिसाब से जुलाई व दिसम्बर 2018 की बीमा राशि नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग व बैंकों के चक्कर लगाकर थक चुका हूं, साहब मेरी बीमे की राशि दिला दो। मंत्री ने किसान गगनदीप शर्मा की आवाज को सुनते ही तुरंत कृषि विभाग के उप-निदेशक को निर्देश दिये कि बीमा कम्पनी और बैंक सभी आपस में बैठकर निर्णय करें कि इस किसान की फसल की बीमा राशि क्यों नहीं मिली, यदि एक सप्ताह में निर्णय नहीं हुआ तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा कि बीमा कम्पनी या जांच के बाद कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। मंत्री ने किसान को आश्वासन दिलाया कि मेरे होते हुए भी यदि आपके पैसे नहीं मिलेंगे तो फिर कभी नहीं मिलेंगे।
बॉक्स:शिकायतकर्ता ने कहा कि मंत्री जी चार साल चक्कर काटे, इन अफसरों से कुछ खर्चा तो दिलाओ।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शामगढ़ की उषा रानी की शिकायत पर मंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। शिकायत में बताया कि शिकायतकर्ता ने अनुसूचित जाति वित्तिय एवं विकास निगम से मनियारी के ऋण के लिए आवेदन किया था, यह मामला सितम्बर 2017 से पहले का है। प्रार्थी को लोन भी नहीं मिला, इसके बावजूद भी दो कर्मचारी उसके घर रिकवरी की किश्त लेने चले गए। जब मामला जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में आया तो संबंधित अधिकारियों ने उन्हेंं शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने के लिए दो भैंसों का ऋण मंजूर कर दिया। जब मंत्री द्वारा शिकायतकर्ता उषा से पूछा गया कि आप संतुष्ट है तो महिला ने कहा नहीं, मंत्री ने कहा और क्या चाहिए। शिकायतकर्ता ने कहा कि मैं विधवा औरत हूं, लोन के लिए चार साल तक दिहाड़ी छोडक़र दफ्तरों के चक्कर काटे, कोई सुनवाई नहीं हुई, उसका खर्च और दिला दो।
बॉक्स: मामले की जांच करके, सही पाने पर 15 दिन में तहसीलदार व बीडीपीओ करें रजिस्ट्री: मंत्री
नीलोखेड़ी के चुन्नी लाल की शिकायत थी कि अरजेहड़ी में उनका 250 गज का प्लॉट है, परन्तु उस प्लाट की अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई, इसके लिए वह कईं वर्षो से बीडीपीओ व तहसीलदार के कार्यालय के चक्कर काट रहे है। रजिस्ट्री के लिए पहले के अधिकारियों ने मोटी रकम मांगी, परन्तु मेरे पास देने को कुछ नहीं है, इसलिए धक्के खा रहा हूं, साहब आप ही इसका समाधान करा दो। मंत्री ने मामले की जांच करके सही पाए जाने पर तहसीलदार नीलोखेड़ी व बीडीपीओ नीलोखेड़ी को सख्त निर्देश दिए कि वह 15 दिन में बुजुर्ग चुन्नी लाल के प्लॉट की रजिस्ट्री करवाएं।
बॉक्स: दोषी किसी भी हालत में बच ना पाए, दिए डीएफएससी को निर्देश: मंत्री
राहड़ा गांव के राजबीर की शिकायत थी कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक निरीक्षक पवन सौलंकी द्वारा 9 नकली डिपो बनाए है। इस पर डीएफएससी ने जब मंत्री के समक्ष बताया कि निरीक्षण पवन सौलंकी द्वारा 9 डिपो गलत बनाए गए थे और उनकी सप्लाई भी दी गई थी, जिन्हें शिकायत मिलने पर तुरंत बंद कर दिया गया है। जिनमें से एक डिपो धारक द्वारा न्यायालय असंध में केस दायर किया हुआ है और विभाग द्वारा दोषी इंस्पेक्टर के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए महानिदेशक मुख्यालय को शिकायत भेजी गई है। मंत्री ने डीएफएससी को निर्देश दिये कि दोषी किसी भी हालत में बचना नहीं चाहिए।
बॉक्स: नई सब्जी मंडी की दुकाने अलॉटमेंट ना करने पर मंत्री ने बनाई कमेटी
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांधी फूड कम्पनी द्वारा मार्किट कमेटी के अधिकारी द्वारा फीस जमा करने पर दुकाने अलॉट ना करने की शिकायत रखी गई, इस संबंध में मार्किट कमेटी के सचिव ने बताया कि मंडी सुपरवाईजर ने नकली रशीद बनवाकर करोड़ों रूपयों की धोखाधड़ी की है, जिसका विभाग द्वारा ऑडिट भी किया गया है। जब इसका अंतिम निर्णय हो जाएगा तो नई सब्जी मंडी की दुकानों को अलॉट किया जाएगा। गांधी फूड कम्पनी के मालिक का कहना है कि उन्होंने दुकान की सभी किश्तें पूरी भर दी है और मंडी सुपरवाईजर ने जो नकली रशीद बनवाकर पैसे हड़पे है, उन्होंने वह जमा भी कर दिये गए है, इसके बाद भी उन्हें अलॉटमेंट क्यों नहीं? इस पर मंत्री ने मार्किट बोर्ड के क्षेत्रीय प्रशासक, करनाल के एसडीएम, सरदार गुलाब सिंह व जयपाल शर्मा सदस्यों को जांच कमेटी में शामिल किया गया है, जो कि अगली कमेटी में इसकी जांच करके निर्णय लेंगे।
बॉक्स: रिकवरी के बिना नहीं बनेगी पेंशन, अपनी पेंशन में से प्रतिमास 50 प्रतिशत जमा करवाने पर ही बन सकती है पेंशन, मुख्यमंत्री ने दिया मौका: मंत्री
बैठक में शीला देवी इन्दिरा कालोनी वासी ने बुढ़ापा पेंशन बनवाने संबंधी शिकायत रखी, जिसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बैठक में बताया कि शिकायतकर्ता की कम उम्र में पेंशन बन गई थी, इनकी पेंशन पर इनके पड़ोसी ने विभाग को शिकायत की, जांच के बाद शीला देवी व इसके पति की पेंशन बंद कर दी और दोबारा पेंशन बनवाने के लिए शिकायतकर्ता को पहले गलत तरीके से ली गई पेंशन की राशि करीब 1 लाख 17 हजार 200 रूपये जमा करवानी होगी। इस पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऐसे पेंशन धारकों के लिए अलग योजना बनाई है, वह अपनी पेंशन बनवाने के बाद अपनी पेंशन में से 50 प्रतिशत राशि विभाग को जमा करवाएं या बिना ब्याज के वह पैसे जमा करवाकर पेंशन बनवा सकते है। आयु प्रमाण पत्र के लिए डॉक्टरी जांच के बाद पेंशन लागू की जा सके।
बॉक्स: मंत्री ने गरीब महिला पर दरियादिली दिखाते हुए कहा कि लेबर विभाग नहीं तो हमारा कल्याण विभाग देगा कन्यादान राशि।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में जनेसरों गांव की विमला देवी की शिकायत थी कि उनके पास कर्मकार बोर्ड की तरफ से मजदूर कॉपी है, उस कॉपी के आधार पर उन्होंने 28 नवम्बर 2018 को बेटी की शादी हेतु कन्यादान के लिए आवेदन किया था, जांच रिपोर्ट में अधिकारी ने बताया कि प्रार्थी को नियमानुसार लेबर विभाग से कन्यादान नहीं मिल सकता। इस पर मंत्री ने दरियादिली दिखाते हुए गरीब महिला को आश्वस्त किया कि लेबर विभाग नहीं देगा तो मैं अपने विभाग से आपको कन्यादान की राशि दिलवाउंगा और इसके लिए उन्होंने तुरंत संबंधित जिला अधिकारी को निर्देश दिए।
बॉक्स: मंत्री ने बैठक के बाद आम जनता के साथ-साथ किसान यूनियन व दिव्यांग एसोसिएशन की भी सुनी समस्याएं।
मंत्री ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद आम जनता की शिकायतों को सुना तथा किसान यूनियन के सदस्यों के पास जाकर उनकी शिकायतों की जानकारी ली और आश्वासन दिलाया कि वे आपकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का काम करेंगे। इस मौके पर दिव्यांग एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल भी मंत्री से मिला, उनकी मांग को लेकर मंत्री ने उन्हें बुधवार को चंडीगढ़ अपने कार्यालय में बुलाया ताकि उनकी समस्या को अधिकारियों के सहयोग से तुरंत हल किया जा सके।
बॉक्स: ये रहे उपस्थित।
बैठक में नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, पूर्व विधायक रमेश कश्यप, दर्शन लाल सहगल, रजनी चुघ, मीना काम्बोज, कृष्ण भुक्कल, तेजेन्द्र सिंह तेजी, अशोक मदान, जनक पोपली, सचिन सैनी, विनोद गुर्जर, रणबीर गोयत, दलबीर बसताड़ा, सोनिया पंडित, देशराज काम्बोज, बिट्टू काछवा, गुलाब सिंह मुनक सहित दर्जनों सरकारी व गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।
Post Now India Post Now India