करनाल 19 अगस्त, उपायक्त विनय प्रताप सिंह बीती रात मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा से मार्गदर्शन लेकर यमुना में आई बाढ़ में फंसे एक परिवार के 9 सदस्यों को एयर लिफ्ट कर उनकी सकुशल जान बचाकर परिवार को नया जीवन दिया।
बता दें कि रविवार को हथनीकुंड बैराज से यमुना में 8.28 लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति हो गई थी। हालांकि उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने बाढ़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर यमुना के साथ लगते गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। इसी दौरान गढ़पुर टापू निवासी मुस्तकिन का परिवार अलर्ट से बेखबर यमुना के बीच अपनी खेती के काम में व्यस्त था। मुस्तकिन के साथ उसके परिवार के 8 सदस्य भी मौजूद थे। जैसे ही पानी का बहाव तेज हुआ, मुस्तकिन को मुश्किलें बढ़ती दिखाई दी। आपदा को भांपकर उसने अपने गांव में मोबाईल फोन से परिवार को बचाने के लिए सूचना दी। गांव में यह खबर पहुंचते ही मौजिज आदमियों ने तुरंत जिला प्रशासन को सारी स्थिति से अवगत कराया। इस बीच रात काफी गहरी हो गई थी, एक तरफ पानी का तेज बहाव था तो दूसरी तरफ घना अंधेरा व्याप्त था। लेकिन प्रशासन के सामने केवल एक ही चुनौती थी कि मुस्तकिन के परिवार को कैसे बचाया जाए।
रैसक्यू मुश्किल भरा था, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए इस आपदा से निपटने और लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत मुख्य सचिव से एयर लिफ्ट की मदद के लिए संपर्क किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने तुरंत भारत सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव संजीव जिंदल के सहयोग से उत्तर प्रदेश के सरसावा स्थित एयरबेस से वायुसेना का हैलिकॉप्टर मंगवाया। इस समय रात के 2.30 बज चुके थे लेकिन करनाल जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार के आला अधिकारी पूरी तरह से मुस्तैद थे क्योंकि किसी भी तरह से मुस्तकिन के परिवार की जान बचाई जानी थी। हैलिकॉप्टर ने अपना रैसक्यू ऑपरेशन शुरू किया लेकिन अंधेरी रात में मुस्तकिन के परिवार की लोकेशन स्पष्ट नहीं हो रही थी। परंतु मुस्तकिन के परिवार के एक सदस्य के पास मोबाईल था उसी से लोकेशन ढूंढने में मदद मिल गई और रैसक्यू ऑपरेशन करना आसान हो गया। वायुसेना के कुशल पायलट ने मुस्तकिन के परिवार को एयर लिफ्ट कर हैलिकॉप्टर में बैठाया और उसे सरसावा एयरबेस के अस्पताल में सकुशल उतारा। परिवार के सभी सदस्य पूरी तरह से बेखौफ थे और अपनी जान की खैरियत से प्रशासन और सरकार का धन्यवाद कर रहे थे।
उपायुक्त के अनुसार रैसक्यू ऑपरेशन में इंद्री के उपमंडल अधिकारी नागरिक, उप पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार, थाना प्रभारी एवं गढ़पुर टापू के कुछ नागरिकों ने बचाव और राहत कार्य में भरपूर सहयोग दिया जो प्रशंसनीय है।
दूसरी ओर सोमवार को यमुना में पानी का स्तर घटना शुरू हो गया है। लेकिन प्रशासन की ओर से बाढ़ से बचाव से सभी तैयारियां और आवश्यक प्रबंध यथावत बने हुए हैं। उपायुक्त ने यमुना के साथ लगते गांवों के लोगों को सलाह दी है कि वे गहरे पानी में न जाएं और किसी तरह से न घबराएं, प्रशासन उनकी मदद के लिए उनके साथ खड़ा है।
बॉक्स: मुस्तकिन के परिवार के आठ सदस्यों को रैसक्यू आपॅरेशन कर बचाया गया, परिवार सकुशल
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि रैसक्यू ऑपरेशन में मुस्तकिन सहित उनके अन्य आठ परिवार के सदस्यों को बचाया गया जिनमें चार लड़की, तीन लड़के व उनकी पत्नी शामिल है। जिनके नाम मुस्तकिन पुत्र यासीन, कुर्बाना पत्नी मुस्तकिन, सायना, शब्बो, रूकसाना व एक छोटी बच्ची तथा शोएब, इसराईल व सोहिल मुस्तकिन के पुत्र शामिल हैं।
बॉक्स: यमुना के पानी पर पल-पल की नजर रखे हुए प्रशासन – उपायुक्त विनय प्रताप सिंह
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने यमुना से लगते सभी गांवों के नागरिकों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन हर समय आपके साथ है। यमुना के तटों पर सभी सरकारी कर्मचारी व अधिकारी पल-पल की नजर रखे हुए हैं। उन्होंने मीडिया से भी बातचीत में कहा कि जिला में यमुना के पानी से किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, पहले ही इसके प्रबंध कर लिए गए थे। सभी तटों पर सिंचाई विभाग द्वारा मिट्टी के बैग भरकर रखे हुए हैं, जरूरत पडऩे पर इनका प्रयोग किया जाएगा। अभी स्थिति नियंत्रण में है।
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