कुरुक्षेत्र। इस्कॉन प्रचार समिति द्वारा सेक्टर-13 स्थित कांग्रेस भवन में भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। इस कथा में 19 से 24 अगस्त तक कथा व्यास साक्षी गोपाल दास लोगों को प्रवचन देंगे। इस अवसर पर साक्षी गोपाल दास ने प्रवचन करते हुए कहा कि मनुष्य योनी बहुत दुर्लभ है और यह छण भंगुर है। मनुष्य जीवन का कुछ पता नहीं कब क्या हो जाए। इसलिए मनुष्य को सुकर्म करने चाहिए, ताकि उसे ईश्चर की प्राप्ति हो सके। बिना कर्म के मनुष्य पशु तुल्य है। इसलिए मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। मानव जीवन का लक्ष्य संसार रूपी सागर से पार उतरना है। आत्मा शाश्वत है, जबकि जीवन नासवान है। इस संसार में भक्तों के संग अपने जीवन को सार्थन बनाना चाहिए। मानव जीवन मूल्यवान खजाना है, जो हमें संसार रूपी भवसागर से पार लगाता है। कथा में मुख्य यजमान के रूप में रामकृष्ण गोयल उपस्थित रहे। वहीं कथा के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मधुसूदन दास, बलराज, अनिरूद्ध कौशिक व हरिदास सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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