करनाल 27 अगस्त, राष्टï्रीय स्तर पर कई बार कीर्तिमान स्थापित कर चुके करनाल के सहकारी चीनी मिल की दैनिक गन्ना पिराई क्षमता 2200 टन से बढक़र 3500 टन होने जा रही है। इस कार्य की टैंडरिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, चालू मास में ही वर्क ऑर्डर होगा। आगामी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले काम शुरू करवाया जाएग, जो करीब 1 साल में पूरा होगा और इस पर 260 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इस सुविधा से किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी और उन्हें अपना गन्ना दूसरी मिलों में नहीं ले जाना पड़ेगा। मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित मासिक पत्रकार-वार्ता में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने इस बात का खुलासा किया।
उन्होंने करनाल जिला से सम्बधित कई योजनाओं तथा जनता से जुड़ी सुविधाओं को लेकर बीते कुछ दिनों में हुई कारगुजारी की भी विस्तार से पत्रकारों को जानकारी दी। जिसमें बताया कि हथनीकुंड बैरज से यमुना में 8 लाख 28 हजार क्यूसिक रिकार्ड पानी आ गया था। जिला प्रशासन ने सिंचाई और दूसरे विभागों की मदद से यमुना के साथ लगते गांवों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई। जिससे बाढ़ के पानी का प्रभाव कम रहा। उन्होंने बताया कि वैसे तो इस जिला के 22 गांव यमुना के साथ बसे हुए हैं लेकिन चंद्राव, डबकोली, सैयद छपरा, जपती छपरा व नबीयाबाद जैसे 9 गांव ऐसे हैं जो बांध व यमुना के बीच में स्थित थे। चंद्राव व छपरा में एक दिन के लिए कुछ पानी आया था इस प्रकार धनौरा में भी कुछ पानी आ जाने से दो सडक़ें प्रभावित हुई। रंदौली से नगला जाने वाली सडक़ भी पानी से एक दिन प्रभावित रही। इससे करीब 10-12 घरों की संपत्ति को नुकसान हुआ जिसकी भरपाई के लिए राज्य सरकार को रिपोर्ट भेज दी गई है। जो फसलें बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई उनके खराबे की रिपोर्ट भी सरकार को भेजी गई है।
उन्होंने बताया कि सरकार के नेशनल हाईवे 152बी से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट पर काम चल रहा है जो ईस्माईलबाद से नारनौल तक है। करनाल जिला के 9 गांव जो असंध क्षेत्र के हैं उनकी भूमि हाईवे के लिए अधिग्रहण की गई थी और इसके लिए 234 करोड़ का मुआवजा तय हुआ था। किसानों की मांग पर इसे बंटवाया जा रहा है, अब तक 50 करोड़ का बांटा भी जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुआवजा प्राप्त करने के लिए किसानों को करनाल आने की जरूरत नहीं है वे असंध तहसील में जाकर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।
जनता से जुड़ी एक और सहूलियत का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वृद्घावस्था पेंशन स्कीम में पात्र व्यक्तियों को अपनी आयु की पात्रता प्रमाणित करने के लिए मेडिकल बोर्ड में जाना होता है, जिससे उन्हें कईं बार असुविधाओं का सामना करना पड़ा था लेकिन अब अगस्त से इस तरह की सुविधा सभी सब-डिवीजन यानि असंध, घरौंडा व इंद्री में कर दी गई है। इसके लिए निर्धारित दिनों में बैठने वाला मेडिकल बोर्ड उपमंडल स्तर पर ही आयु का प्रमाण पत्र देगा। प्रौद्योगिकी के प्रचार-प्रसार और ठीक से इस्तेमाल करने के मकसद से राज्य सरकार ने फसलों की गिरदावरी मैनुअल न करवाकर टैबलट के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया था, जो एक एप्प के माध्यम से की जाती है। करनाल जिला में 5 अगस्त से लेकर अब तक 90 प्रतिशत की गिरदावरी की जा चुकी है। अगली बार गिरदावरी के समय किसान की फसल के साथ ही फोटोग्राफी भी करवाई जाएगी। इसी से जुड़े मेरी फसल – मेरा ब्यौरा बारे उपायुक्त ने बताया कि ये स्कीम सभी जिलों में चल रही है। करनाल जिला में इसके तहत 45 प्रतिशत कार्य हो चुका है जिसमें किसानों ने अपनी फसल बिजाई का ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज करवाया है। यह स्कीम अगले एक महीने तक चलेगी और इसमें प्रयास इस तरह से रहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी फसल को पोर्टल पर रजिस्टर करवाएं। इस तरह से एकत्र डाटा को ई-गिरदावरी से मिलान किया जाएगा और यह प्रक्रिया ई-खरीद में काम आएगी। उन्होंने प्रैस वार्ता के माध्यम से किसानों का आग्रह किया कि सीमित समय में ही अपनी फसल को पोर्टल पर रजिस्टर करवा लें इसके लिए उन्हें बैंक पासबुक व आधार नम्बर की प्रति यानि दो चीजें ही रजिस्ट्रेशन के लिए देनी पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अब सभी परिवारों के पहचान पत्र बनाकर देने की शुरूआत की गई है। सरकार की कुछ ऐसी स्कीमें हैं जिनका संबंध सीधे पहचान पत्र से है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जिला में नए पात्र परिवारों के करीब 4000 बीपीएल फार्म भरवाकर कार्ड बनाकर दिए गए थे। उन सबके परिवार पहचान पत्र भी बनाकर साथ-साथ वितरित किए गए। अगला लक्ष्य 70 हजार पुराने बीपीएल के परिवार पहचान पत्र बनाने का है जिस पर काम चल रहा है। यह कार्य पहले अटल सेवा केन्द्र के माध्यम से होता था अब अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से हो रहा है। जनता की सुविधा के लिए परिवार पहचान पत्र के फार्म सभी राशन डिपो व एलपीजी गैस एजेंसियों को उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों ने इस तरह की आईडी के लिए पहले फार्म भरे थे और उसमें कुछ त्रुटि रह गई थी, अब उसमें त्रुटि को ठीक करके दोबारा फार्म भर सकते हैं।
प्रैस वार्ता में उपायुक्त ने पर्यावरण से जुड़े फसल अवशेष प्रबंधन के महत्वपूर्ण विषय पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खेतों में किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले हालांकि जागरूकता के कारण पिछले सालों से काफी घट रहे हैं लेकिन इसे जीरो पर लाने के लिए ऐसे किसान जो बार-बार आग्रह करने पर भी नहीं मानते उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। इस समस्या के समाधान के लिए कुछ और उपाय भी हैं जिनमें कम्बाईन के साथ एसएमएस जोडऩे को अब अनिवार्य बना दिया है। यदि कोई कम्बाईन मशीन बिना एसएमएस के खेतों व सडक़ पर दिखाई देगी उसे जब्त किया जाएगा। निगरानी के लिए पुलिस, कृषि विभाग और कार्यकारी मैजिस्ट्रेटों को लगाया जाएगा।
उपायुक्त ने पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए। एक प्रश्र के उत्तर में उन्होंने बताया कि शहर में सडक़ों पर भटकते पशुओं से दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगरनिगम को दोबारा सक्रिय रहने के लिए कहा गया है, हालांकि निगम की टीम ने पिछले इस पर अच्छा काम किया है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति अपने पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं उन्हें पकड़ेेंगे और उनके मालिक को वापिस न सौंपकर गौशाला में भेजेंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि मानसून की अवधि सितम्बर के पहले सप्ताह तक समाप्त हो जाएगी ऐसी उम्मीद है। इसके बाद सडक़ों पर पैच वर्क, रिकार्पेटिंग के कार्य करवाए जाएंगे जिनका कॉलोनियों में अम्रुत के तहत सीवरेज लाईनें बिछाई गई हैं उन पर डाली गई मिट्टïी के स्थाई हो जाने के बाद वहां सडक़ें बनाई जाएंगी। जहां मिट्टïी अच्छी तरह से जम गई है वहां कार्य शुरू करवाया जाएगा। पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक और सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि शहर में खराब लाईटों व सीसीटीवी कैमरों को लेकर पिछले दिनों दौरा किया गया था। अब निर्णय लेकर इन्हें दुरूस्त करने के लिए संबंधित ठेकेदार को आदेश दे दिया है जो अगले एक सप्ताह में समाधान करेंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट में पैन सिटी के तहत इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सैंटर बनाया जाएगा। इसकी फाईनेंशल बिड खोली जा चुकी है तथा जल्द ही इसका वर्क आर्डर होगा। यह 150 करोड़ रुपये का प्रोजैक्ट है जो आगामी 10 सितम्बर से पहले-पहले शुरू होगा। इस सैंटर में शहर के नागरिक, ट्रैफिक लाईट व इसके प्रबंधन, दुर्घटनाएं, पेयजल व बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं और उनके निराकरण की सूचनाएं प्राप्त कर सकेंगे।
Post Now India Post Now India