करनाल 3 सितम्बर: घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के किसानों को एक मुश्त निपटान स्कीम के तहत ब्याज व जुर्माने की 4750 करोड़ रुपये की राशि माफ करके किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री की इस राहत से प्रदेश के लगभग दस लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं मुख्यमंत्री ने किसान द्वारा सहकारी बैंको से लिए गए मूल ऋण की अदायगी करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवम्बर, 2019 तक बढ़ाया है।
विधायक ने एक बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिक सहकारी कृषि समितियों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक के ऋणी किसानों की ब्याज और जुर्माना माफी की योजना से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खाते इन बैंकों द्वारा एनपीए (नोन प्रर्फोमिंग एकाउंट) घोषित कर दिए गए थे और किसान अपने ऋणों को नया नहीं करवा पा रहे थे अब इस घोषणा के बाद किसान अपनी फसलों के ऋण खातों का चक्र बदलवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों को सिर्फ अपनी मूल ऋण राशि ही जमा करवानी होगी।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि एवं सहकारी समितियों से करीब 13 लाख किसानों ने ऋण ले रखे हैं, जिनमें से 8.25 लाख किसानों के खाते एनपीए हो चुके है। उन्होंने बताया कि पैक्स (प्राईमरी एग्रीकल्चरल कॉप्रेटिव सोसायटी) की फसली ऋणों की चार प्रतिशत ब्याज दर राज्य सरकार वहन करती है और तीन प्रतिशत नाबार्ड वहन करता है। फसली ऋणों की अदायगी समय पर न करने वाले किसानों को पांच प्रतिशत की दर से ब्याज पर पैनल्टी लगाई जाती थी, जो अब पूरी तरह माफ की जाएगी। चार प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से वहन की जाएगी तथा नाबार्ड की तीन प्रतिशत ब्याज की दर में से 1.5 प्रतिशत हरियाणा सरकार तथा 1.5 प्रतिशत पैक्स अपने स्तर पर वहन करेगा। इस योजना से किसानों को 2500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
इसी प्रकार जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से प्रदेश के 85 हजार किसानों ने ऋण लिए हुए है, जिनकी मूल ऋण राशि 1800 करोड़ रूपये बनती है, जिनमें से 32 हजार किसानों के खाते एनपीए हो गए है। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा 12 से 15 प्रतिशत की ब्याज दर से किसानों को ऋण दिया जाता है। सरकार ने ऐसे किसानों की सहायता के लिए एक कार्य योजना बनाई है, जिसमें पैनल्टी पूरी तरह से माफ कर दी गई है। जिन किसानों ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से पांच लाख रूपये तक का ऋण लिया हुआ है उन्हें दो प्रतिशत ब्याज दर में छूट, पांच से दस लाख रूपये तक के ऋण वाले किसानों को पांच प्रतिशत ब्याज दर में छूट तथा दस लाख से अधिक के ऋण पर दस प्रतिशत ब्याज दर में छूट दी जाएगी। इस पर किसानों का चक्रवृद्धि ब्याज पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे किसानों को 1800 करोड़ रूपये का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि तीसरी श्रेणी के हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक (लैंड मोरगेज बैंक) के 1.10 लाख ऋणी किसान है, जिनमें से 70 हजार किसानों के खाते एनपीए घोषित किए जा चुके थे। इन किसानों की मूल ऋण राशि 750 करोड़ रूपये की है तथा ब्याज व जुर्माने की राशि 1400 करोड़ देय बनती है। उन्होंने कहा कि इन बैंकों के किसानों का पूरा पैनल ब्याज माफ कर दिया गया है। केवल सामान्य ब्याज का 50 प्रतिशत ही किसानों को देना होगा, शेष 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेंगी। लैंड मोरगेज बैंक के किसानों को इस योजना से 450 करोड़ रूपये का लाभ मिलेगा।
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