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पानी की बचत के लिए किसान ड्रिप से करें सिंचाई, सरकार द्वारा ड्रिप लगाने के लिए दी जा रही है सब्सिडी – डा. आदित्य डबास

करनाल 3 सितम्बर, क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र ऊचानी के निदेशक डा. धर्मबीर यादव ने कहा कि किसानों को पानी की कम लागत वाली खेती को बढ़ावा देना चाहिए तथा अपनी फसल से ड्रिप प्रणाली से सिंचाई करनी चाहिए। ड्रिप प्रणाली के लिए सरकार 90 प्रतिशत तक अनुदान देती है। हर किसान सरकार की इस योजना का लाभ उठाएं।

वे मंगलवार को जल शक्ति अभियान के अंतर्गत कुंजपुरा की अनाज मंडी में कृषि तथा किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय किसान मेला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने किसानों को आज के समय की जरूरत पानी बचाने, पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने पर बल देते हुए कहा कि किसानों को ऐसी खेती को बढ़ावा देना चाहिए जिसमें पानी की लागत कम हो और आय भी बढ़े। हरियाणा सरकार द्वारा सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली लागू की है जिसके तहत किसान ड्रिप लगाकर अपने खेतों में सिंचाई करे। इसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसान को धान की बिजाई करनी चाहिए जिसमें पानी की लागत कम होती है। उन्होंने किसानों से कहा कि वह पर्यावरण को बचाने के लिए धान व गेहंू के कटने के बाद शेष अवशेषों को न जलाएं, इससे प्रदूषण को बढ़ावा मिलता। खेतों में बचे फसल अवशेषों को नष्ट करने के लिए मशीनों का प्रयोग करें।

इस मौके पर उप कृषि निदेशक डा. आदित्य डबास ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और जल बचाने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जल, कल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जीवन को धरती पर संतुलित करने के लिए विभिन्न माध्यमों के द्वारा जल बचाना होगा। आज के समय में पृथ्वी पर सुरक्षित और पीने के पानी की कमी के कारण जल संरक्षण और जल बचाओ अभियान बहुत जरूरी हो गया है।
बागवानी विभाग के अधिकारी डा. रणबीर मान ने पानी की बचत के लिए बागवानी को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदान दिया जाता है। किसानों को चाहिए कि वह कम लागत में आय को बढ़ाने के लिए बागवानी को अपनाएं। परम्परागत खेती की अपेक्षा बागवानी में कईं गुणा आय होती है और पानी की बचत भी होती है। किसानों को हर रोज सब्जी आदि से पैसे मिलते हैं जबकि परम्परागत खेती से फसली सीजन में ही पैसे मिलते हैं। उन्होंने पानी को बचाने के लिए किसानों का भी आह्वान किया कि फलों और सब्जियों को धोनेे के लिए नलों की जगह पानी से भरे हुए बर्तन का प्रयोग करना चाहिए।

पशुपालन विभाग के डा. हरिओम शर्मा ने इस मौके पर दुधारू पशुओं से लाभ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को खेती के साथ-साथ दुधारू पशुओं को पालना चाहिए। हरियाणा सरकार द्वारा दूध को बढ़ावा देने के लिए डेयरी खोलने के लिए सब्सिडी पर ऋण देती है। इतना ही नहीं दुधारू पशुओं को प्रतिवर्ष अधिक दूध देने पर सम्मानित भी किया जाता है। उन्होंने किसानों से कहा कि वह दूध को बढ़ावा दें और अपनी आय को बढ़ाएं।
इस मौके पर डा. मोहिन्द्र, डा. सचिन, डा. अंकुर चौधरी ने भी किसानों को प्रेरित किया। इस अवसर पर एसडीएओ डा. सुनील बजाड़ ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर किसानों को सम्मानित भी किया गया।

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