करनाल 04 सितम्बर, जल शक्ति अभियान की केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की संयुक्त सचिव रेखा शुक्ला ने बुधवार को अपने प्रस्तावित दौरे के कार्यक्रम अनुसार निसिंग खंड के गांव चिड़ाव, दादुपुर रोड़ान व हथलाना में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जल संरक्षण के प्रबंधों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि जल शक्ति अभियान को एक जन आंदोलन बनाने के लिए आम जनता की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। हरियाणा तालाब व अपशिष्ट जल प्रबधन प्राधिकरण के सदस्य तेजिन्द्र सिंह तेजी तथा जल शक्ति अभियान की केन्द्रीय तकनीकी अधिकारी खुशबू भी दौरे में उनके साथ थे।
संयुक्त सचिव रेखा शुक्ला ने सबसे पहले गांव चिड़ाव पहुंचकर ग्राम पंचायत व प्रगतिशील किसानों से जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और सुझाव मांगे ताकि पानी को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बचाया जा सके। उन्होंने ग्राम पंचायत को निर्देश दिए कि तालाबों पर किसी तरह के अवैध कब्जे न हों तथा इनमें स्वच्छ जल की व्यवस्था बनी रहे ताकि पशुओं के लिए पीने के पानी का प्रबंध हो सके, और भूमिगत जल का स्तर बढ़ सके। उन्होंने कहा कि पंचायती भूमि, सडक़ों के किनारे तथा शिक्षण संस्थाओं के परिसर में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि पानी के अत्याधिक दोहन होने से भूमिगत पानी निचले स्तर तक चला गया है। दूसरी ओर सामान्य वर्षा तथा जल सरंक्षण की जागरूकता की कमी के चलते कई राज्यों में पानी का गम्भीर संकट दिखाई देने लगा है। देश के कई क्षेत्र डार्क जोन में आ गए हैं। इस गम्भीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार द्वारा हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है, जिसका उद्ïदेश्य जल संरक्षण और इसके प्रबंधन के लिए सभी उपायों को करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता के लिए आई.ई.सी. यानि इन्फोर्मेशन एजूकेशन व कम्यूनिकेशन पर जोर दिया जाना चाहिए। इसके साथ-साथ पंचायती राज, ग्रामीण पढ़े-लिखे युवा तथा लंबरदार जैसे मौजिज व्यक्तियों को साथ लेकर जनता से संवाद स्थापित करना चाहिए।
संयुक्त सचिव ने गांव चिड़ाव के बाद दादुपुर रोड़ान तथा हथलाना गांव का दौरा कर वहां थ्री पौंड व फाईव पौंड सिस्टम को देखा और हरियालीकरण के तहत ग्रामवासियों द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने ग्राम पंचायत से अपील की कि स्कूल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाएं तथा टूंटियों को खुली न छोडें इससे लाखों लीटर बेशकीमती जल की बर्बादी होती है। इसके पश्चात संयुक्त सचिव रेखा शुक्ला ने नीलोखेड़ी खंड के गांवों का भी दौरा किया तथा गांवों में रेन वाटर हार्वेस्टर, जोहड़ों का सुधारीकरण तथा वनीकरण के कार्यों को देखा और ग्रामवासियों से संवाद कर उन्हें जल बचाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जल बचाओ जैसे गंभीर विषय को सफल बनाने के लिए अभी भी आम जनता में इतनी जागरूकता नहीं है जितनी होनी चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन, स्वंयसेवी संस्थाओं एवं पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
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