कुरुक्षेत्र, 7 सितंबर: श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर के सिंघ साहिब जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने सिख कौम को गुरबाणी शब्द व संगत से जोड़ा है। इसलिए कौम को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज और संगत से जुडऩा चाहिए। मगर जगह-जगह पर डेरें बना कर बैठे देहधारी गुरु संगत को गुरबाणी और सिखी से दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। वे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर द्वारा साहिब श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 550 साला प्रकश उत्सव को समर्पित करवाए गए विशाल एवं भव्य प्रदेश स्तरीय समागम में संगत से रूबरू हो रहे थे।
सिंघ साहिब ने कहा कि अतीत गवाह है कि अहमद शाह अब्दाली ने सिख कौम को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास किए। मगर थोड़ी संख्या में बचे सिखों ने भी एकजुट होकर अहमद शाह अब्दाली को मुंहतोड़ जवाब दिया था। इसलिए आज भी समय की मांग है कि सिख कौम को एकजुट होकर पंथ विरोधी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। इससे पहले समागम में पहुंचने पर सिंघ साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब आनंदपुर साहिब के सिंघ साहिब ज्ञानी रघुबीर सिंह, तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड के उप जत्थेदार सिंघ साहिब ज्ञानी जोतइंदर सिंह, तख्त श्री पटना साहिब के सिंघ साहिब जत्थेदार रजिंदर सिंह तथा श्री दरबार साहिब अमृतसर के ग्रंथी ज्ञानी मान सिंह का पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, राज्य सभा मैंबर बलविंदर सिंह भूंदड़, एसजीपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क, अंतरिम कमेटी मैंबर बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, एसजीपीसी मैंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना, जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध, जत्थेदार बलदेव सिंह खालसा, जत्थेदार जगसीर सिंह मांगेआना, बीबी अमरजीत कौर बाडा, बीबी मनजीत कौर गधौला, जत्थेदार अमीर सिंह रसीदां, शिअद की वरिष्ठ उपप्रधान बीबी करतार कौर, कालांवाली से विधायक बलकोर सिंह, शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सोथा, पार्टी महिला विंग हरियाणा की प्रदेशाध्यक्षा बीबी रङ्क्षवदर कौर अजराना, धर्म प्रचार कमेटी के मैंबर जत्थेदार तजिंदरपाल सिंह लाडवा, पूर्व मैंबर गुरदीप सिंह भानोखेड़ी और प्रदेश प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना ने स्वागत किया।
घर-घर पहुंचाए गुरु साहिब का संदेश : सुखबीर सिंह बादल
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पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम एवं शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने हमें कीरत करने, नाम जपने और बांट कर छकने का सिद्धांत दिया है। आज उनके इस संदेश को घर-घर तक पहुंचाने की जरुरत है। उन्होंने प्रदेश भर से भारी संख्या में आई संगत को शताब्दी की बधाई देते हुए गुरबाणी अनुसार जीवन यापन करने की भी अपील की।
एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने संगत को दिया संदेश
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एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि विश्व भर में श्री गुरु नानक देव जी महाराज की जन्म शताब्दी मनाई जा रही है। शताब्दी मनाने का मकसद गुरु साहिब के सिद्धांत एवं शिक्षाओं पर पहरा देना है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने मानव को जीवन सच्च और मकसद से अवगत कराया। उन्होंने श्री ननकाना साहिब पाकिस्तान से सजाए नगर कीर्तन का हरियाणा में पहुुंचने पर भव्य स्वागत करने और दर्शन करने का आह्वान भी किया। एसजीपसी प्रधान ने संगत को अंध विश्वास से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया, क्योंकि अंध विश्वास जीवन को नष्ट कर देता है और गुरबाणी जीवन को सफल बनाती है।
सच्चे मन से नाम सिमरन ही करता है जीवन का उद्दार : ज्ञानी मान सिंह
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श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर के ग्रंथी ज्ञानी मान सिंह ने गुरबाणी शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि दिखावे से नहीं, अपितु सच्चे मन से भक्ति करके हम ईश्वर कृपा के पात्र बन सकते हैं। सच्चे सिद्धांतों को आत्मसात कर जीवन सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सिर्फ परमात्मा के नाम का नशा करना चाहिए, जबकि दुनियावी मादक पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।
श्री दरबार साहिब के हजूरी रागी जत्थों का शब्द कीर्तन श्रवण कर निहाल हुई संगत
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राज्य स्तरीय समागम में हजारों की संख्या में पहुंची संगत गुरु इतिहास और शब्द कीर्तन श्रवण कर निहाल हो गई। कार्यक्रम में जब श्री दरबार साहिब अमृतसर से हजूरी रागी भाई ओंकार सिंह, भाई दविंदर सिंह, भाई लखविंदर सिंह, भाई जगतार सिंह ने गुरबाणी उच्चारण किया, तो संगत आध्यात्म के बीच भक्ति में लीन हो गई। इस दौरान भाई जोगा सिंह भागोवालिया कविशर जत्था और बीबी राजवंत कौर ढाडी जत्था धर्म प्रचार कमेटी संगत को गुरु इतिहास से जोड़ा।
राज्य स्तरीय समागम में संत-महापुरुष ने भी की शिरकत
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा करवाए गए इस समागम में संत-महापुरुषों ने भी विशेष रूप से शिरकत की। कार्यक्रम में शिरकत करने वाले संत-महापुरुषों में बाबा राम सिंह जी नानकसर सिंघड़ा, बाबा राजिंदर सिंह खालसा जी इसराना साहिब, बाबा गुरिंवदर सिंह जी मांडी साहिब वाले, बाबा सतनाम सिंह जी पिपली साहिब, बाबा कश्मीर सिंह जी नानकसर करनाल, बाबा जतिंदरपाल सिंह जी सोढी, संत जसप्रीत सिंह जी यमुनानगर, बाबा जोगा सिंह जी नानकसर करनाल, बाबा सुखा सिंह जी डेरा कार सेवा वाले, बाबा महिंदर सिंह जी कार सेवा बाउली साहिब पिहोवा, बाबा शबेग सिंह जी कार सेवा वाले, बाबा गुरमीत सिंह जी कार सेवा वाले गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब, महंत कर्मजीत सिंह जी सेवापंथी, बाबा मान सिंह जी पिहोवा, संत जगमोहन सिंह जी सेवापंथी, बाबा अमरीक सिंह जी कार सेवा पटियाला, बाबा गोपाल सिंह जी कार सेवा कैथल, बाबा गुरमीत सिंह जी कार सेवा हजूर साहिब, बाबा बाबू सिंह जी गुरुद्वारा संगतपुरा निसिंग, बाबा जोगा सिंह जी राड़ा साहिब, बाबा प्रीतम सिंह जी मलड़ी, बाबा मेजर सिंह जी, बाबा कुंदन सिंह जी देसखुर्द, बाबा जीत सिंह जी चिलहा साहिब सिरसा, बाबा दर्शन सिंह जी दादूवाले, बाबा जीत सिंह जी रूघुाणा सिरसा, बाबा गुरजंट सिंह जी कार सेवा फताबालू, बाबा पूर्णदास जी अलीका, बाबा सुखपाल सिंह जी लकड़वाला, बाबा सेवानंद जी किओल शामिल रहे।
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