करनाल 13 दिसम्बर। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने तथा बेटी बचाओं कार्यक्रम को बढ़ावा देने के उदेश्य से सिविल सर्जन कार्यालय में प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण तकनीक अधिनियम के तहत जिला एडवाईजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार अहुजा ने की। बैठक में प्रस्तुत कार्य सूची में विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा व एक्ट से जुडी गतिविधियों की समीक्षा की गई। सिविल सर्जन ने कमेटी के सभी सदस्यों की उपस्थिति में मैडस्कैन डायग्रोस्टिक इमेजिंग सैंटर को अल्ट्रासाऊंड, सीटी स्कैन व एम.आर.आई. करने के लिए प्राप्त हुए आवेदन को अनुमति प्रदान की। इसके अतिरिक्त दुआ डायग्रोस्टिक्स को सीटी स्कैन व एम.आर.आई. के लिए तथा भगवती चन्द्र मैमोरियल अस्पताल एवं अल्ट्रासाऊंड केन्द्र घरौंडा को अल्ट्रासाऊंड करने के लिए नए पंजीकरण पर सहमति जताते हुए अनुमति प्रदान की । बैठक में अर्पणा अस्पताल मधुबन में अल्ट्रासाऊंड केन्द्र का नाम बदलने बारे तथा रामा सुपर स्पैशिलिटी एवं क्रिटिकल केयर अस्पताल में इकोकॉर्डियोग्राफी करने के लिए डाक्टर की नियुक्ति करने की अनुमति प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड से लिंग की जांच करवाकर भ्रूण हत्या करने वाले की जानकारी देने वाले को एक लाख रूपये ईनाम के रूप में दिए जाएंगे तथा सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में नवम्बर 2019 के अनुसार लिंगानुपात एक हजार लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या 913 तक है और वह दिन दूर नहीं जब यह आंकड़ा एक हजार होगा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से जिले में लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। बैठक में विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। जिनमें प्रमुख रूप से पीएनडीटी एक्ट के तहत गैर कानूनी ढग़ से लिंग निर्धारण करने वाले क्लीनीक व अल्ट्रासाऊंड केंद्रों पर कार्यवाही करने के लिए वहां भेजे जाने वाले फर्जी ग्राहकों को प्रोत्साहन राशि देने बारे शामिल था।
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