कुरुक्षेत्र 16 दिसम्बर (एस) ब्रहमसरोवर के चारों तरफ गुजराती संस्कृति के बहुरंग देखने को मिले, इन बहुरंगों की छटा बिखरने के लिए ब्रहमसरोवर के एक घाट पर डांडिया लोक नृत्य और दुसरी तरफ गुजराती पैवेलियन में गरबा लोक नृत्य पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था। अहम पहलू यह है कि गुजरात पैवेलियन में अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव में पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए खाटियावाड़ थाली सहित अन्य व्यंजनों को रखा गया है। यह पहला अवसर है जिसमें पर्यटकों को गुजराती व्यंजनों का स्वाद चखने को मिल रहा है | अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव 2018 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से गुजरात को पार्टनर स्टेट के रुप में आमंत्रित किया गया। इस राज्य की संस्कृति भी अपने आपमें एक अनूठी संस्कृति है, इस संस्कृति से हरियाणा ही नहीं देश-विदेश से कुरुक्षेत्र गीता महोत्सव में पहुंचने वाले पर्यटक अपने आपको आत्मसात कर सके। इस महोत्सव में भागीदारी राज्य गुजरात द्वारा पुरुषोतमपुरा बाग ब्रहमसरोवर पर गुजरात पैवेलियन लगाया गया है। इस पैवेलियन में जहां पर्यटक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंंद ले रहे है वहीं विभिन्न प्रकार के स्वादिष्टï व्यंजनों का स्वाद चख रहे है। इस पैवेलियन में गुजरात की पारम्परिक वेशभूषा पहन कर कन्या कालेज विपाला की छात्राओं ने प्राचीन कवि नरसी मेहता की रचना पर गरबा लोक नृत्य की प्रस्तुती देकर पर्यटकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
लाखो लोंगो ने देखा महोत्सव के नजारों को
केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव को 7 दिसम्बर तक अब तक करीब 8 लाख लोग देख चुके है। हालांकि रविवार को लाखों लोग महोत्सव के बहुरंगों को देखने के लिए पहुंचे है। इसके अलावा वेबसाईट पर 28 लाख 50 हजार और सोशल मीडिया पर 9 लाख 50 हजार लोग शिरकत कर चुके है।
कुल्लू की पश्मीना शॉल की दिवानी हुई महिला पर्यटक
अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव में पिछले 17 सालों से पर्यटकों खासकर महिलाओं के लिए पश्मीना और किन्नौरी शॉल लेकर कुल्लू के शिल्पकार हीरालाल पहुंच रहे है। इस बार पर्यटकों के लिए 30 हजार रुपए की लागत की विशेष पश्मीना शॉल लेकर आए है। शिल्पी हीरालाल का कहना है कि17 सालों से महोत्सव को जी रहे है।
मॉरीशिस के राष्टïपति ने समाचार पत्रों से देखे महोत्सव के झरोखे
मॉरीशिस के राष्टï्रपति प्रामाशिव्यम पिल्लै वयापरे ने मॉरीशिस जाने से पहले अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के यादगार लम्हों को देखने के लिए रविवार को पिपली पैराकीट में विशेष तौर पर रुके। यहां पर राष्टï्रपति ने 13 दिसम्बर से 16 दिसम्बर तक अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव में हुए तमाम कार्यक्रमों और यादगार क्षणों को विभिन्न समाचार पत्रों के जरिए देखा। उपायुक्त डा. एसएस फुलिया के माध्यम से मॉरीशिस के राष्टï्रपति को सभी समाचार पत्रों की कवरेज की कतरने उपलब्ध करवाई गई।
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