कुरुक्षेत्र 31 दिसम्बर अतिरिक्त उपायुक्त अनिश यादव ने कहा कि जिले में जिले में कन्या भू्रण हत्या में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी टीमों सहित इस प्रकार की गतिविधियेां में संलिप्त लोगों पर पैनी निगाहें रखेंगे।
वे सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी पढाओं-बेटी बचाओं अभियान को लेकर आयोजित जिला टास्क फोर्स की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। एडीसी ने जिले की सभी सुपरवाईजरों से एक-एक करके एक-एक गांव के लिंगानुपात की स्थिति को आकंडों सहित जाना और गांव की वास्तविक स्थिति के बारें में भी फीडबैक हासिल की। इसके अलावा सभी पीएचसी, सीएचसी के एसएमओ आदि से भी लिंगानुपात को लेकर की जा रही कार्यवाही की रिपोर्ट भी हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस जिले में नवम्बर माह में 1 हजार लडकों के पीछे 927 लडकियों की संख्या है अभी भी इस आकंडे में और अधिक सुधार किया जाना है। यह तभी संभव हो पाएगा जब सभी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी डयूटी निर्वाह करेंगे।
एडीसी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग व पुलिस विभाग सहित अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारी कन्या भू्रण हत्या में संलिप्त लोगों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए हमेशा तैयार रहे तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाईजर भी अपने क्षेत्र में एक टीम का गठन करें। आज समाज में बेटों और बेटियों का बराबर का दर्जा है, इसलिए सभी को बेटियों को बेटों की तरह समझना चाहिए और उनका पालन पोषण करना चाहिए, राज्य सरकार की तरफ से भी बेटियों के लिए अनेकों योजनाओं को अमलीजामा पहनाया है,जिसके चलते बेटियां परिवार पर बोझ नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों को कहा कि सभी मिलकर जिला कुरुक्षेत्र में लिंगानुपात की स्थिति में और अधिक सुधार लाने का संकल्प लेंगे और इस संकल्प को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करेेंगे। एडीसी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ड्रीम प्रोजैक्ट है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने पानीपत से की थी, इस अभियान के साकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है, लोग जागरुक होने लगे है। बैठक में उपसिविल सर्जन डा. आरके सहाय ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट में 18 एफआईआर दर्ज की गई है तथा 115 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें 7 मामले दूसरे प्रदेशों से भी सम्बन्धित है। उन्होंने बताया कि एमटीपीटी एक्ट में 17 मामले दर्ज हुए है। इस मौके पर डीएसपी तान्या सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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