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अनुसंधान में साहित्य आधार और तार्किक सोच महत्वपूर्ण : कुलपति

कुरुक्षेत्र, 9 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व मानव संसाधन विकास केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में  डाटा विश£ेषण आर का उपयोग संबंधी तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा ने किया। इस अवसर कुलपति ने अनुसंधान में  साहित्य आधार और तार्किक सोच प्रक्रिया के महत्व को भी बताया। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर्स के प्रति एक पक्षपाती होने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें मानव मस्तिष्क द्वारा पर्याप्त रूप से समर्थित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सॉफ्टवेयर पैकेजों पर क्विक कमांड क्लिक्स का परिणाम नहीं होना चाहिए लेकिन परिणामों के पीछे कठोर तार्किक सोच आवश्यक है।
इस अवसर पर मानव संसाधन विकास केन्द्र की निदेशिका प्रोफेसर नीरा वर्मा ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा व वाणिज्य और प्रबंधन के डीन संकाय का स्वागत किया।
इस मौके पर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के सांख्यिकी विभाग के प्रोफेसर सुरेश कुमार शर्मा ने गुणवत्ता शोध पत्रों के प्रकाशन में विश्लेषणात्मक उपकरणों के मजबूत मौलिक ज्ञान के महत्व पर जोर दिया। यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष प्रोफेसर रमेश चंदर दलाल ने सभी गणमान्य व्यक्तियों को धन्यवाद दिया और उन्हें याद करने के लिए एक टोकन प्रदान किया
कार्यशाला के समन्वयक डॉ. सलोनी पवन दीवान ने बताया कि यह कार्यशाला आर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में रिसर्च स्कॉलर्स की कौशलता को विकसित करने के लिए डिज़ाइन की गई है जो फ्री ओपन सोर्स है और अनुसंधान के क्षेत्र में अब बहुत लोकप्रिय हो रही है। यह कार्यशाला दस सत्रों में विभाजित है और विभिन्न प्रख्यात रिसोर्स जिनमें प्रोफेसर सुरेश कुमार शर्मा, डॉ. भगत सिंह, डॉ. चिराग मलिक, डॉ. नीरज कौशिक और डॉ. मनोज दिवाकर ने अपने ज्ञान और अनुभव कार्यशाला में सांझा किए। इस कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 32 प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया।
इस मौके पर डीन फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट प्रोफेसर नरेंद्र सिंह कार्यशाला के अध्यक्षीय सत्र में मुख्य अतिथि थे। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने छात्रों की शोध क्षमताओं को विकसित करने में इस तरह की कार्यशालाओं के महत्व का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आज की दुनिया में सब कुछ तेजी से डेटा आधारित हो रहा है और डेटा के विशाल ढेर से बहुमूल्य जानकारी का पता लगाने के लिए मजबूत डेटा विश्लेषण के महत्व को बताया गया है।
मानव संसाधन विकास केन्द्र की निदेशिका प्रो. नीरा वर्मा ने कहा कि ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन कर नियमित रूप से ऐसी पहल की जा रही है। मानव संसाधन विकसित करने के लिए इसका बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। कार्यशाला में डॉ उत्कर्ष मंगल असिस्टेंट प्रोफेसर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने मान्य सत्र के लिए मंच का संचालन किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के सभी संकाय सदस्य एवं छात्र उपस्थित थे।

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