कुरुक्षेत्र 1 फरवरी एक और सुधार सैल के प्रोजैक्ट निदेशक रॉकी मितल ने कहा कि लाडवा का सबट्रोपिकल फल केन्द एक उच्च गुणवता के फलों की की नई-नई किस्मों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इस केन्द्र में मौसमी फलों कि विभिन्न किस्मों को विकसित किया जा रहा है।
वे शुक्रवार को लाडवा के सबट्रोपिकल फल केन्द्र के दौरे के दौरान अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले एक और सुधार सैल के प्रोजैक्ट निदेशक रॉकी मितल ने फलों की नई-नई किस्मों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से केन्द्र के बारे में फीडबैक हासिल की। उन्होंने कहा कि फलों की नई-नई किस्मों को विकसित करने में यह केन्द्र एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इस केन्द्र में नई किस्मों को ईजाद करके किसानों व बागवानी का का व्यवसाय करने वाले लोगों को उपलब्ध करवाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि वह इस केन्द्र में अपनाई गई तकनीक को देखकर काफी प्रभावित हुए है तथा केन्द्र के अधिकारियों व कर्मचारियों का काम सराहनीय है।
केन्द्र के परियोजना अधिकारी डा. सत्यनारायण ने रॉकी मितल को जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2018-19 में हरियाणा के हर क्षेत्र में 18245 फलदार पौधों की बिक्री की जा चुकी है और 5500 पौधो की एंडवास बुकिंग पहले से ही आ चुकी है, इसलिए वर्ष 2019-20 में 30 हजार कलमी पौधें तैयार करने का टारगेट रखा गया है। इस वर्ष आय का टारगेट 15 लाख रुपए था, लेकिन अब तक 20 लाख 54 हजार रुपय की आय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में आम, आडू, आलूबुखारा, नाशपाती, बग्गुगोसा, नींबू, जामुन, अमरुद आदि के उच्च गुणवता के पौधे किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहे है। इस सेंटर में 50 किलोवॉट का सौलर प्लांट भी स्थापित किया गया है, जिससे पूरे सेंटर में बिजली की आपूर्ति होती है।
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