करनाल। राष्ट्रीय डेरी अनुंसधान संस्थान में मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट प्रोसेसिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत 15 दिवसीय (15 से 29 जुलाई ) अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्य्रक्रम का शुभारंभ हुआ। एनडीआरआई के निदेशक डा. आरआरबी सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ जी पी सिंह, निदेशक , भा.कृ.अनु.प.-भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल थे|
एनडीआरआई के निदेशक डा. आरआरबी सिंह ने कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग शुरुआत जुलाई 2018 के दौरान, हमारे माननीय प्रधान मंत्री ने युगांडा का दौरा किया था और युगांडा के नागरिकों के लिए डेयरी के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण के लिए दोनों सरकारों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे । उन्होंने कहा की मिल्क प्रोसेसिंग तकनीकों को यूगांडा की डेरी सेक्टर में सही से उपयोग करके मिल्क तथा मिल्क प्रोडक्ट प्रोसेसिंग से डेरी उद्यमी कम लागत से उच्च क़िस्म के डेरी प्रोडक्ट बना सकेंगे और आने वाले समय में इस सेक्टर में रोजगार के बेहतर अवसर उत्पन होंगे इसलिए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हमारे वैज्ञानिकों द्वारा डेरी के क्षेत्र में अर्जित ज्ञान को विदेशी प्रतिभागियों के साथ सांझा किया जाएगा, ताकि भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अनुसंधान का यूगांडा के लोग भी लाभ उठा सकें। इस ट्रेनिंग के दौरान डेरी प्रोसेसिंग यूनिट, डेरी फार्मिंग, मनुफक्टोरे ऑफ़ डेरी प्रोडक्ट, फैकल्टी के साथ विचार विमर्श करेंगे| हमेें आशा है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों और उनके देश के लिए प्रासंगिक साबित होगा। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि इस ट्रेनिंग में अर्जित ज्ञान को अपने देशवावियों के साथ जरूर सांझा करें।
कोर्स कॉआर्डिनेटर डा. कौशिक खामरुई ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान का चयन किया है,इस योजना के तहत एनडीआरआई में यह दूसरा ट्रेनिंग प्रोग्राम है। इसमें 8 पुरुष तथा 2 महिलाएं शामिल हैं। जहां इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संस्थान के संकाय के अनुभव और विशेषज्ञता के साथ-साथ इस प्रशिक्षण के संचालन के लिए उपलब्ध सहायक संसाधनों की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी ढंग से किया जायेगा ।
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