करनाल 16 अगस्त करनाल के अपने और प्रदेश के पहले आधुनिक सुविधाओं वाला ऑडिटोरियम के मुक्कमल होने में अब ज्यादा इंतजार नहीं, इसकी फिनीशिंग का कार्य बढ़ी तेजी से चल रहा है। यह ऑडिटोरियम डा. मंगलसैन ऑडिटोरियम के नाम से जाना जाएगा। शुक्रवार को जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने डा. मंगलसैन ऑडिटोरियम की साईट पर जाकर इसके निर्माण कार्य का जायजा लिया और कार्य में तेजी लाने के लिए 31 अगस्त तक का समय निर्धारित किया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो सम्भवत: यह निर्धारित समय तक पूरा हो सकता है। उपायुक्त की दौरे के दौरान डीडीपीओ गगन दीप सिंह तथा अधीक्षक अभियन्ता रामफल सिंह भी मौजूद थे।
ऑडिटोरियम करीब 10 करोड़ की राशि से बन रहा है और इसमें एक हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इस ऑडिटोरियम का कवर्ड एरिया 24 हजार वर्ग फु ट का है, लेकिन इसका निर्माण 1 लाख 9 हजार वर्ग फुट के परिसर पर किया जा रहा है। लोकेशन की बात करें तो यह शहर के ऐसे हिस्से में बनाया गया है जहां मॉल रोड जैसा वीआईपी मार्ग डॉ. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा और शहर के जनप्रिय कर्ण पार्क जैसी जगह पर विद्यमान है। खास बात ये है कि इसके उद्घाटन के बाद जिला प्रशासन को सेमिनार और इस तरह के दूसरे कार्यकमों के लिए एनडीआरआई जैसे ऑडिटोरियम हेतु भारी भरकम किराया नहीं देना पड़ेगा। कर्ण की नगरी और मुख्यमंत्री हरियाणा के निवार्चन क्षेत्र में आधुनिक ऑडिटोरियम के सौगात किसी बड़े उपहार से कम नहीं है। यहां ये उल्लेख करना भी उचित है कि स्वयं मुख्यमंत्री मनोहर लाल चाहते थे कि इस शहर में एक भव्य सभागार बनना चाहिए, उनका यह सपना अब साकार हो गया है।
ऑडिटोरियम को लेकर अधिक्षण अभियन्ता रामफल ने बताया कि आज के दौरे के दौरानत उपायुक्त ने सभागार में लगाई जाने वाली कुर्सियों की क्वालटी और कलर का एक सैम्पल देखकर उसे फाइनल कर दिया है और निर्देश दिए हैं कि इसका निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाए। सभागार की विषेशताओं को लेकर एस.ई रामफल ने बताया की इसमें 50 गुणा 30 फुट की स्टेज बनाई गई है। महिला और पुरूषों के लिए पब्लिक टॉयलेट के पांच ब्लॉक बनाए गये है । वीआईपी और अन्य के लिए सात कमरे तथा एक ग्रीन रूम है। समूचा हॉल वातानुकुलित रहेगा। स्टेज के आगे फोटोग्राफर के लिए एक पिट बनाई गई है ताकि कार्यक्रम के चित्र लेते समय वह जनता के आड़े ना आये। मंच पर 40 गुणा 42 फुट की स्टेज लगाई गई ह,ै इसकी खासियत ये है कि इसपर खर्चीला बैकड्रॉप लगाने की आवश्यकता नही पड़ेगी, एक युपीएस की मदद से ही स्क्रीन पर कार्यक्रम सम्बंधी जानकारी डिसप्ले हो सकेगी। उन्होंने बताया की ऑडिटोरियम में लोगों की सुविधा के लिए 9 एंट्री एग्जीट बनाए गये हंै। ध्वनि व्यवस्था भी यूपीएस आधारित रहेगी जिसमें लाईन ऐरे के स्पीकर लगेंगे अर्थात अलग से साऊंड सिस्टम लगाने की जरूरत नहीं। लाइट एण्ड साऊंड जैसी व्यवस्था देश की प्रतिष्ठित कम्पनी साइक्लो रामा की ओर से की जा रही है। हॉल के निर्माण का डिजाईन पंचकूला बेस रेनू खन्ना एण्ड एसोसिएट की ओर से किया गया है। हॉल में दिव्यांगजनों के लिए पर्याप्त रैम्प की सुविधा भी दी गई है
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