करनाल 14 जून: घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण ने किसानों को कहा कि वे आय को बढ़ाने के लिए फसल विविधिकरण और सहकारी कृषि को अपने व्यवसाय का हिस्सा बनाएं। हरियाणा सरकार द्वारा किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बागवानी व कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई है। भावांतर भरपाई योजना सरकार की किसानों के लिए सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है।
विधायक शुक्रवार को कैथल रोड स्थित स्थानीय विर्क रिजोर्ट में कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित इन्नोवोटिव फार्मरस मीट के दौरान किसानों को संबोधित कर रहे थ। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाए बिना आर्थिक उन्नति के आंकड़ों को हासिल करना बेहद मुश्किल है। इस बात को मद्देनजर रखते हुए सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए सरकार ने अनेकों कदम उठाए हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि वे बिचौलिए या अन्य एजेंसियों की बजाए अपनी ऊपज के लिए सीधे विश्व बाजार से सम्पर्क करें। किसान अपनी ऊपज को स्वयं के ब्रांड बनाने व बेचने के लिए एकजुट होकर कार्य करें इससे आय को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए जैविक खेती की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए इससे अच्छी क्वालिटी के उत्पाद के साथ-साथ उचित मूल्य भी किसानों को मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को गेहूं और धान के चक्र से बाहर निकलते हुए फसल विविधिकरण को भी अपनाना चाहिए। किसानों को पशुपालन, मधु मक्खी पालन, सब्जी व बागवानी को भी अपनी कृषि का हिस्सा बनाना चाहिए।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अभिमन्यु मलिक ने कृषि में वित्त के महत्व पर ध्यान केन्द्रित किया। इस मौके पर उन्होंने नाबार्ड के माध्यम से किसान हित में दिए जाने वाले ऋण और वित्तीय सहायता के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक गगन कुमार ने भी किसानों को बैंक द्वारा दी जाने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी दी। बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक जोगिन्द्र घनगस ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि के बारे में बताया। जिला बागवानी अधिकारी मदन लाल ने किसानों को हरियाणा सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए चलाई गई योजनाओं के बारे में जानकारी दी और कहा कि भावांतर भरपाई योजना सरकार की एक अहम योजना है। इस योजना के तहत किसानों की फसल के लागत के समान मूल्य पर की जाती है।
इस मौके पर पीआई इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ प्रबंधक अमित जोशी ने किसानों को पानी की बचत विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि सभी किसानों को चाहिए कि वह पानी की समस्या को दूर करने के लिए डीएसआर को अपनाएं। उन्होंने इस मौके पर डीएसआर प्रणाली के बारे में बताया। इस मौके पर मुख्य अतिथि द्वारा प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इस बैठक में करीब 600 से अधिक किसानों व 15 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया जिसमें महेन्द्रा, स्वराज, पीआई इंडस्ट्रीज, यारा फर्टिलाईजर, यूपीएल लिमिटेड आदि शामिल थी।
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