कुरुक्षेत्र 15 जनवरी, एक और गीता जयंती को अंतराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है दूसरी और गीता साक्षी वट वृक्षों तथा ज्योतिसर मंदिर परिसर के सरंक्षण तथा सांस्कृतिक विरासत घोषित करवाने में सरकार कोई सकरात्मक कदम नहीं उठा रही है, जबकिज्योतिसर मंदिर परिसर तथा गीता साक्षी वट वृक्षों को विश्व विरासत घोषित अथवा विश्व धरोहर सूचि में शामिल करवाने के लिए राज्य व केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों से ग्रीन अर्थ संगठन लगातार आठ साल से कर रहा है | जिसमे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग नई दिल्ली को पत्र लिखा था | जिसके जवाब में अब भारतीय पुरातत्व के अनुभाग विश्व धरोहर के निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने पत्र लिख कर ग्रीन अर्थ संगठन को सूचित किया है की ज्योतिसर मंदिर परिसर तथा गीता साक्षी वट वृक्षों को विश्व विरासत घोषित करने अथवा विश्व धरोहर सूचि में शामिल करने के लिए वे तभी कार्यवाही प्रारम्भ कर सकते है जब संबंधित स्थल के स्वामी यानी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड इसके लिए यथा अपेक्षित प्रस्ताव उनके पास भेजे | गोरतलब है कि पर्यावरण सरंक्षण में कार्यरत ग्रीन अर्थ संगठन ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष व हरियाणा के राज्यपाल, उपाध्यक्ष व मुख्यमंत्री, कुरुक्षेत्र उपायुक्त तथा केडीबी से मांग की है की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को प्रस्ताव भेज कर ज्योतिसर मंदिर परिसर तथा गीता साक्षी वट वृक्षों को विश्व विरासत घोषित करने अथवा विश्व धरोहर सूचि में शामिल करने के लिए वे आवश्यक कार्यवाही शरू करे.
संगठन के सदस्य नरेश भारद्वाज ने बताया की वे आठ साल से लगातार मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, पुरातत्व विभाग व केंद्र सरकार से इस बारे लगातार मांग कर रहें है. संगठन के पदाधिकारी केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा से मिलकर भी इस बारे मांग कर चुके हैं लेकिन सिवाय कोरे आश्वासन के कुछ भी कदम नहीं उठायें हैं. इस मांग को लेकर ग्रीन अर्थ संगठन ने अनशन भी किया था | संगठन ने गीता साक्षी वट वृक्षों पर लगे प्लास्टिक के जाल काट दिये थे | जिस वट वृक्ष के लिए के लिए संगठन लड़ाई लड़ रहा है उसी वट वृक्ष के नीचेभगवान श्री कृष्ण ने हजारो वर्ष पहले अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था | विश्व पटल पर ज्योतिसर की पहचान को लेकर सरकार भी गंभीर है |
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