कुरुक्षेत्र, 4 मई: आर्यवीर दल के संगठन को और अधिक सुदृढ़ व मजबूत बनाने के उद्देश्य को लेकर आज गुरुकुल कुरुक्षेत्र में एक अहम बैठक हुई जिसमें हरियाणा सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र से भारी संख्या में आर्यवीर दल से जुड़े शिक्षकों व विद्वानो ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि बैठक की अध्यक्षता आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के महामंत्री विनय आर्य द्वारा की गई। इसके अतिरिक्त बैठक में आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान मा0 रामपाल आर्य, मंत्री उम्मेद शर्मा, वैदिक विद्वान डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार, सहित आर्यवीर दल के शिक्षकों व आर्यसमाज के सैकड़ों प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया। इससे पहले राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने गुरुकुल कुरुक्षेत्र में नवनिर्मित अटल टिंकरिंग लैब का विधिवत् शुभारम्भ किया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि वर्तमान समय में लोग आर्यसमाज की ओर देख रहे हैं। केवल आर्यसमाज ही एकमात्र ऐसा संगठन है जो इस देश को पुनः विश्व-गुरु बनाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में आर्यसमाज व आर्यवीर दल के कार्य में कुछ शिथिलता महसूस की गई है। उन्होंने कहा कि आर्यवीर दल के प्रबुद्ध लोगों के प्रयास से जल्द ही इस कमी को दूर किया जाएगा और संगठन को मजबूत किया जाएगा।
बैठक में आर्यसमाज तथा आर्यवीर दल को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गया, साथ ही सभी से इस संदर्भ में सुझाव मांगे। सर्वसम्मति से 10 प्रस्तावों को पास किया गया जिसमें आर्यवीर दल का मुख्य कार्यालय, जिला स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति, शिक्षक कोष का पुनः संचालन, पुराने साथियों को साथ लेकर धरातल पर कार्य करना, अर्थतंत्र को मजबूत बनाना शामिल रहे। बैठक में सर्वसम्मति से उक्त प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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