कैथल, 7 मार्च: जिला उप निर्वाचन अधिकारी एवं नगराधीश श्री विजेंद्र हुड्डा ने कहा कि जिला में कार्यरत सभी प्रिंटर्स भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव सामग्री के प्रकाशन एवं मुद्रण के संदर्भ में समय-समय पर जारी हिदायतों का दृढ़ता से पालन किया जाए। चुनाव प्रचार सामग्री के प्रकाशन के समय यह ध्यान रखा जाए कि इस पर प्रिंटर व पब्लिशर दोनों का नाम छपा हो। ऐसा न होने पर सजा व जुर्माने का प्रावधान है।
श्री विजेंद्र हुड्डा लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में चुनाव प्रचार सामग्री के प्रकाशन के संदर्भ में प्रिंटर्स की बैठक में भारतीय निर्वाचन आयोग की हिदायतों की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 के तहत यह स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसी निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर मुद्रित या प्रकाशित नही करेगा, जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक व प्रकाशक के नाम व पते न छपे हो। इसके अलावा जब तक चुनाव प्रचार सामग्री छपवाने वाले व्यक्ति की घोषणा तथा 2 व्यक्तियों द्वारा प्रमाणित नही करवाया जाता, तब तक ऐसी चुनाव सामग्री का मुद्रण व प्रकाशन नही किया जा सकता है। ऐसा करना दंडनीय अपराध है तथा इन हिदायतों की उल्लंघना करने वाले व्यक्ति को 6 माह का कारावास व 2 हजार रुपए जुर्माना अथवा दोनों भी हो सकते हैं। प्रत्येक प्रिंटर को मुद्रक की घोषणा की एक प्रति जिलाधीश को प्रेषित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव उम्मीदवारों के लिए 70 लाख रुपए की खर्च राशि निर्धारित की गई है। आयोग द्वारा चुनाव प्रचार पर उम्मीदवारों द्वारा खर्च की जाने वाली धनराशि पर पूरी निगरानी रखी जाती है।
इस मौके पर चुनाव नायब तहसीलदार राजपाल भूरा, मुस्कान प्रिंटिग पे्रस के प्रतिनिधि नरेश कुमार, सिट्स प्रिंटिग प्रेस के प्रतिनिधि दलशेर सिंह, गिल प्रिंटिंग प्रेस के प्रतिनिधि भीम सिंह, सिरटा एडवरटाईजमेंट एजैंसी के प्रतिनिधि सुरेश मलिक, चुनाव कार्यालय के सहायक प्रदीप कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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