करनाल 25 मई: हमारा शहर स्वच्छ हो, पोलीथीन मुक्त हो, इसके चलते नगर निगम आयुक्त राजीव मेहता के निर्देश पर शहर में प्लास्टिक बैन व स्वच्छता जैसी गतिविधियां जोरों पर चल रही हैं, ताकि नागरिक जागरूक रहें। इसी कड़ी में शनिवार को निगम की सेनेटरी शाखा व ओडीएफ की संयुक्त टीम ने शहर की पुरानी सब्जी मण्ड़ी व मुगल कैनाल पर लगी अस्थाई सब्जी मण्ड़ी में लगी रेहडिय़ों तथा गुड मण्ड़ी मार्किट में जाकर दुकानदारों को शत प्रतिशत कम्पोस्टेबल पोलीथीन का प्रयोग करने को लेकर जागरूक किया। इसके साथ-साथ एनजीटी यानि राष्टï्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों का पालन करने की सूचना देते बैनर भी प्रदर्शित किए गए।
टीम का नेतृत्व कर रहे मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा ने मण्ड़ी में मौजूद दुकानदार को इकठ्ठा कर पोलीथीन का प्रयोग और उसके नुकसान बारे चेताया। उन्होंने कहा कि एनजीटी के निर्देशों के अनुसार शत प्रतिशत कम्पोस्टेबल पोलीथीन का ही प्रयोग किया जाए। यह पोलीथीन स्टार्च से बना है। पोलीथीन, मक्का व आलू के स्टार्च से बना होने के कारण यह गंदे पानी व नाले इत्यादि में जाकर मीथेन गैस के सम्पर्क में आने से केवल सप्ताह भर में ही गल जाता है। इसके साथ-साथ यह पोलीथीन मिट्टी में दबने से एक से दो माह में ही कम्पोस्ट में तबदील हो जाता है और खाद के तौर पर मिट्टी में ही मिल जाता है। अगर इसे कोई पशु या जानवर खा जाए, तो उसे भी किसी प्रकार का नुकसान नही होगा। इस तरह के कैरीबैग से पर्यावरण को बिल्कुल भी खतरा नही है। इन बैरीबैग को व्यक्ति बार-बार प्रयोग में भी ला सकता है।
उन्होंने इसके तीन पहलुओं पर भी व्याखान दिया, कहा कि रिड्ïयूज़ यानि प्रयोग कम से कम करें, रियूज़ यानि फैंकने की बजाय दोबारा प्रयोग में लें तथा रिसाईकिल यानि बेकार पोलीथीन को फैंकने की बजाय इकठ्ïठा कर लें, ताकि उसका पुन: च्रकण या रिसाईकिल किया जा सके। उन्होंने बताया कि पोलीथीन कैरीबैग का बेहतर विकल्प कपड़े या जूट के थैले तथा कागज से बने लिफाफे भी हैं। डिस्पोजल प्लेट व गिलास को कतई इस्तेमाल में ना लाएं। इसके लिए स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि निगम पोलीथीन और डिस्पोजल बर्तनो की रोकथाम के लिए शहर में कई बार जारूकता अभियान चला चुका है, परंतु अब छापेमारी प्रारम्भ करेगा और इनके मिलने पर जुर्माना भी लगाएगा। इसी तरह जिन दुकानदार या रेहड़ी वालों के पास पोलीथीन कैरीबैग मिलेंगे, उनको भी जब्त करेगा।
मुख्य सफाई निरीक्षक ने बताया कि जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ दुकानदारों और रेहड़ी वालो को सैम्पल के तौर पर सम्पूर्ण कम्पोस्टेबल पोलीथीन भी दिए गए हैं, ताकि वह इनका प्रयोग कर सकें और इन्हे हमेशा के लिए अपना सकें। उन्होंने बताया कि कई दुकानदारों ने इनका प्रयोग करना शुरू कर दिया है और जो दुकानदार बार-बार समझाने पर भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पोलीथीन प्रयोग कर रहे हैं, उनके पोलीथीन को जब्त करने साथ-साथ चालान भी किए गए हैं और भविष्य में भी ऐसी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
उपनिगमायुक्त धीरज कुमार ने भी शहर के नागरिको से अपील की है कि अब स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 का आगाज हो चुका है। करनाल के प्रबुद्घ नागरिक, शिक्षण संस्थाओं में पढऩे वाले विद्यार्थी, दुकानदार और हाऊस होल्ड सब मिलकर शहर को स्वच्छ व साफ-सुंदर बनाने में निगम का सहयोग करें, ताकि पिछले सर्वेक्षणों में करनाल शहर को राष्टï्रीय स्तर पर सम्मानजनक स्थान हासिल करने के साथ-साथ अब देश के टॉप-10 शहरों में करनाल का नाम शुमार हो।
इस मौके पर निगम के सफाई निरीक्षक प्रवेश, पीआईयू से आए सिटी टीम लीडर डॉ. प्रशांत त्यागी, ट्रीगर मास्टर गुरदेव सिंह, संजीव राठी, अंकित, विजय तथा रवि उपस्थित रहे।
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