राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर, हरियाणा सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तत्वाधान में वीरवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (निट½ कुरूक्षेत्र में विज्ञान कॉन्क्लेव-2019 विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। महान भारतीय भौतिकविदें की उपलब्धियों का हवाला देकर विज्ञान के बारे में स्कूल और विद्यालयों के बच्चों को प्रेरित करने और विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान और विकास के लिए जोर देने के लिए विज्ञान सम्मेलन का आयोजित किया जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वर्ष 1928 में रमन प्रभाव की खोज को चिह्नित करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जा रहा है। दो दिवसीसय इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि विवेक अत्रे, पूर्व आईएएस अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा दीप प्रज्जवल के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के डीन (योजना और विकास प्रो. अखिलेश स्वरूप द्वारा की गई।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि विवेक अत्रे ने जीवन में रचनात्मक और अभिनव होने के बारे में एक प्रेरक भाषण दिया। उन्होंने जीवन में सफल होने के लिए एक बहुआयामी व्यक्तित्व विकसित करने पर जोर दिया। वह बहु-आयाम में विकसित होने के लिए जीवन में रचनात्मकता का महत्व बताते हैं। प्रो. अखिलेश स्वरूप, डीन (योजना व विकास) ने विज्ञान दिवस के अवसर पर हरियाणा के विभिन्न स्कूल और कॉलेजों के सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। डॉ0 आर. पी. चौहान, भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष व कॉन्क्लेव के संयोजक ने कॉन्क्लेव के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया। आयोजन के दूसरे सत्र में डॉ. यशश्चंद्र द्विवेदी ने प्रोफेसर सी. वी. रमन के जीवन और रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के पहलुओं का वर्णन किया। नरेश कोचर, पंजाब विश्वविद्यालय के यूजीसी एमेरिटस फेलो ने ज्वालामुखी गतिविधियों, भूकंप, सुनामी और कई अन्य भूवैज्ञानिक गतिविधियों और इसके महत्व के बारे में एक दिलचस्प बातें बताई। प्रो. अशवनी कुमार, एनआईटी कुरूक्षेत्र ने परमाणु विज्ञान पर व्याख्यान दिया और चुंबकीय मोनोपोल के अस्तित्व सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। निम्नलिखित सत्रों के दौरान पैनोरमा विज्ञान केंद्र द्वारा ‘मैथ इज फन’ पर एक प्रस्तुति के अलावा एक लाइव प्रयोगात्मक प्रदर्शन किया गया। रचनात्मक विज्ञान प्रयोगों ने छात्रों को विज्ञान सीखने के लिए प्रेरित किया। स्कूली छात्रों के लिए विघटन की एक प्रतियोगिता भी की गई। रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मिनाती बराल ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद् प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर डॉ. पारस राम, डॉ. जे.के. कपूर, प्रो. पी.सी. तिवारी, डा. रविन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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